Hisar: पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच शुरू करने की मांग

हिसार: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पेड़ों की कटाई पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद हिसार रोडवेज कार्यशाला में बड़े पैमाने पर अवैध पेड़ कटाई का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने पर सीएम फ्लाइंग हिसार की टीम ने शुक्रवार को कार्यशाला में छापेमारी कर जांच की, जिसमें 86 पेड़ों की कटाई और 141 नए पौधों को उखाड़े जाने के साक्ष्य मिले।
प्रारंभिक जांच में पेड़ों की लकड़ी के रिकॉर्ड में अनियमितता और सरकारी संपत्ति को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के संकेत भी मिले हैं।
सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की इंचार्ज सुनैना ने बताया कि सूचना मिली थी कि हरियाणा राज्य परिवहन की हिसार कार्यशाला में हाईकोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं और उनकी लकड़ी का उचित रिकॉर्ड रखे बिना उसे खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत जांच की।
निरीक्षण के दौरान कार्यशाला परिसर में 86 कटे हुए पेड़ों के ठूंठ मिले, जिससे पेड़ों की कटाई की पुष्टि हुई। इसके अलावा परिसर में लगाए गए 141 पोल साइज के नए पौधे भी उखड़े हुए पाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि काटे गए पेड़ों की लकड़ी का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था और संबंधित ठेकेदार ने लकड़ी का मूल्य भी रोडवेज विभाग के खाते में जमा नहीं कराया। इससे सरकार को वित्तीय नुकसान होने की आशंका जताई गई है।
सीएम फ्लाइंग इंचार्ज सुनैना ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार बिना अनुमति किसी भी प्रकार के पेड़ों की कटाई पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई सरकारी या निजी संस्था इन आदेशों का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर है और अधिक से अधिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





