हरियाणा

हाई-वोल्टेज कस्टडी ड्रामा खत्म, नवनीत चतुर्वेदी गिरफ्तार

SHIDDHANT
15 Oct 2025 10:56 PM IST
हाई-वोल्टेज कस्टडी ड्रामा खत्म, नवनीत चतुर्वेदी गिरफ्तार
x
Chandigarh चंडीगढ़। पंजाब पुलिस ने राज्यसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के 10 विधायकों के जाली हस्ताक्षर मामले में आरोपी नवनीत चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी दो दिन चले हाई-वोल्टेज कस्टडी ड्रामे के बाद हुई, जिसमें चंडीगढ़ पुलिस और पंजाब पुलिस के बीच कस्टडी को लेकर मतभेद देखा गया। बुधवार शाम रोपड़ कोर्ट के आदेश के बाद यह विवाद समाप्त हुआ। सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस ने बुधवार रात लगभग 8.15 बजे नवनीत चतुर्वेदी को चंडीगढ़ पुलिस से अपनी हिरासत में लिया और उसे रोपड़ ले गई। इसके पहले, चंडीगढ़ के सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन में पंजाब पुलिस पिछले 24 घंटे से डेरा डाले हुई थी। अदालत के आदेश के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने नवनीत को पंजाब पुलिस के हवाले किया।

नवनीत चतुर्वेदी के नामांकन को पहले ही चंडीगढ़ में विधानसभा अध्यक्ष ने रद्द कर दिया था। नवनीत ने 13 अक्टूबर को चंडीगढ़ पुलिस को एक पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने लिखा था कि उनके ऊपर जानलेवा हमले की आशंका है और पंजाब सरकार उनके फोन टैप और गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसी वजह से चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें पहले पंजाब पुलिस के हवाले नहीं किया। राजस्थान के जयपुर निवासी नवनीत चतुर्वेदी ने जनता पार्टी का
राष्ट्रीय अध्यक्ष
होने का दावा किया है। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि नवनीत ने अपने नामांकन पत्र पर साइन जाली किए थे। नामांकन रद्द होने के बाद नवनीत मंगलवार को पंजाब विधानसभा से बाहर निकले। इसी दौरान रूपनगर पुलिस ने चंडीगढ़ पुलिस के वाहन का पीछा किया, जिसमें नवनीत को ले जाया जा रहा था। सुखना झील के पास वाहन को रोकने की कोशिश हुई, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने इसका विरोध किया।

इस पूरे मामले में दो दिन तक उच्च स्तरीय तनाव और हाई-वोल्टेज कस्टडी ड्रामा देखने को मिला। पंजाब पुलिस का कहना है कि नवनीत को गिरफ्तार करना जरूरी था ताकि राज्यसभा चुनाव में किसी भी तरह के जाली दस्तावेज़ या धोखाधड़ी की संभावना रोकी जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। नवनीत की गिरफ्तारी के बाद अब जांच आगे बढ़ेगी और अदालत के आदेशानुसार उनकी कस्टडी और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक दलों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच कस्टडी मामलों में पैदा होने वाले विवादों को उजागर किया है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने पूरे देश की राजनीतिक नजरों को भी आकर्षित किया।
Next Story