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Punjab पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि कोई सिलेक्शन कमिटी किसी उम्मीदवार को सिर्फ़ इसलिए "उपयुक्त नहीं" मानकर रिजेक्ट नहीं कर सकती क्योंकि वह इंटरव्यू में ऐसा पाया गया, जबकि नोटिफ़ाई की गई भर्ती स्कीम में न तो इंटरव्यू के लिए न्यूनतम क्वालिफ़ाइंग मार्क्स तय किए गए हैं और न ही उस आधार पर उम्मीदवार को अयोग्य ठहराने का कोई स्वतंत्र अधिकार दिया गया है।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने कहा, "जब सिलेक्शन प्रोसेस मार्क्स के मिले-जुले आवंटन पर आधारित हो, तो उम्मीदवार की उपयुक्तता का निर्धारण पूरी सिलेक्शन स्कीम को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। अगर ऐसा करने का कोई स्पष्ट प्रावधान न हो, तो इंटरव्यू वाले हिस्से को अन्य तय पैमानों पर हावी होने की इजाज़त देना नोटिफ़ाई किए गए मानदंडों को बेकार कर देगा और संविधान के आर्टिकल 14 और 16 के तहत निष्पक्षता और पारदर्शिता की ज़रूरतों के खिलाफ़ होगा।"
यह फ़ैसला एक ऐसे मामले में आया है जिसमें सुपरिटेंडेंट पद के एक उम्मीदवार को इंटरव्यू में "उपयुक्त नहीं" पाया गया, जिससे उसे नियुक्ति के लिए विचार किए जाने वाले दायरे से बाहर कर दिया गया। बेंच ने ज़ोर देकर कहा कि मुख्य सिद्धांत यह है कि उम्मीदवार की उपयुक्तता तय सिलेक्शन मानदंडों के समग्र मूल्यांकन से सामने आनी चाहिए। इसे इंटरव्यू में किए गए व्यक्तिपरक मूल्यांकन तक सीमित नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने कहा, "जब सिलेक्शन स्कीम लिखित प्रदर्शन, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और इंटरव्यू के लिए मार्क्स तय करती है, तो हर हिस्सा सिलेक्शन के नोटिफ़ाई किए गए आधार का एक हिस्सा होता है। सिलेक्शन करने वाली अथॉरिटी इंटरव्यू को ज़रूरत से ज़्यादा महत्व देकर मिले-जुले मूल्यांकन को इंटरव्यू-केंद्रित प्रक्रिया में नहीं बदल सकती और इस तरह, निष्पक्ष पैमानों के तहत उम्मीदवार द्वारा प्राप्त मार्क्स को काफी हद तक अर्थहीन नहीं बना सकती।" कोर्ट ने आगे कहा कि सिलेक्शन कमिटी को पूरी सिलेक्शन स्कीम के आधार पर उम्मीदवार का मूल्यांकन करना था, क्योंकि नोटिफ़ाई की गई स्कीम में लिखित प्रदर्शन, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और इंटरव्यू के कुल मूल्यांकन की परिकल्पना की गई थी। एक रिट याचिका को मंज़ूरी देते हुए, कोर्ट ने निर्देश दिया कि नोटिफ़ाई किए गए सिलेक्शन मानदंडों के तहत याचिकाकर्ता की उम्मीदवारी पर फिर से विचार किया जाए, एक संयुक्त मेरिट लिस्ट तैयार की जाए और 20-मार्क्स वाले इंटरव्यू वाले हिस्से में उसकी उपयुक्तता का मूल्यांकन किया जाए, बिना इसे एक स्वतंत्र क्वालिफ़ाइंग चरण माने।
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