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Delhi दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को कथित IRCTC होटल घोटाले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मामले में पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और छह अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना फैसला टाल दिया। शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव कोर्ट में पेश हुए, जिसके बाद स्पेशल जज प्रशांत कुमार ने अगली सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की तारीख तय की।
कोर्ट ने केंद्रीय एजेंसी को पिछली कोर्ट के आदेश के आधार पर निर्देश लेने को कहा। ED द्वारा नामजद 16 आरोपियों में से, पिछली कोर्ट ने 10 सितंबर को सात लोगों को बरी कर दिया था और बाकी नौ लोगों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मामले को 3 अक्टूबर को औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए सूचीबद्ध किया गया था।
पिछली कोर्ट ने पहले कहा था कि आरोपियों के खिलाफ "मजबूत संदेह" है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच की प्रकृति, समय और प्रक्रिया से ऐसा नहीं लगता कि ED की शिकायत लालू प्रसाद के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित थी, जैसा कि उनके वकील ने आरोप लगाया था।
इससे जुड़े CBI मामले में, कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में लालू प्रसाद और 11 अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए थे। ED के अनुसार, 2005 और 2014 के बीच, जब लालू प्रसाद केंद्रीय रेल मंत्री थे, तब रांची और पुरी में IRCTC होटलों के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर हेरफेर करके सुजाता होटल्स को फायदा पहुंचाया गया था।
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