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पलवल में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल, अंधेरे में ऑपरेशन

Saba Naaz
10 July 2026 4:45 PM IST
पलवल में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल, अंधेरे में ऑपरेशन
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पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक गर्भवती महिला के ऑपरेशन के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई। हालात उस समय और गंभीर हो गए, जब अस्पताल की आपातकालीन बिजली व्यवस्था भी काम नहीं कर पाई। मजबूरी में डॉक्टरों को मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन पूरा करना पड़ा।

घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है। ऑपरेशन थिएटर में एक गर्भवती महिला की सर्जरी चल रही थी। रात करीब 10 बजे अचानक बिजली चली गई और देखते ही देखते ऑपरेशन थिएटर में अंधेरा छा गया। अचानक आई इस परेशानी से डॉक्टरों और स्टाफ में हड़कंप मच गया, क्योंकि ऑपरेशन के दौरान रोशनी का बंद होना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता था।

अस्पताल में ऐसी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए हॉटलाइन बिजली आपूर्ति, जनरेटर और इन्वर्टर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं होती हैं। लेकिन इस घटना के दौरान तीनों ही व्यवस्थाएं जवाब दे गईं। बिजली नहीं आने के कारण डॉक्टरों के सामने ऑपरेशन रोकने का खतरा था, जिससे गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे की जान पर संकट आ सकता था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने हिम्मत नहीं हारी और मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन जारी रखा। चिकित्सकों की सूझबूझ और तत्परता से सर्जरी पूरी की गई। राहत की बात यह रही कि ऑपरेशन के बाद मां और शिशु दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मोबाइल टॉर्च की रोशनी में डॉक्टरों को ऑपरेशन करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और आपातकालीन तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।

अस्पतालों में बिजली व्यवस्था को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, खासकर ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील स्थानों पर। किसी भी आपात स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित होने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। ऐसे में बैकअप सिस्टम का फेल होना अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।

मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिला स्तर के बड़े अस्पताल में इस तरह की स्थिति नहीं बननी चाहिए। आपातकालीन सेवाओं के लिए हमेशा वैकल्पिक व्यवस्था पूरी तरह तैयार रहनी चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद बैकअप सिस्टम क्यों काम नहीं कर पाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

वहीं डॉक्टरों की टीम की सराहना भी की जा रही है, जिन्होंने कठिन परिस्थिति में धैर्य बनाए रखा और महिला की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित की। हालांकि, इस घटना ने अस्पतालों में आपातकालीन सुविधाओं की मजबूती को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पलवल जिला अस्पताल की यह घटना स्वास्थ्य संस्थानों में बिजली और बैकअप व्यवस्था को लगातार दुरुस्त रखने की जरूरत को उजागर करती है, ताकि भविष्य में किसी मरीज की जान जोखिम में न पड़े।

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