हरियाणा

हरियाणा ने दर्ज की अब तक की सबसे बड़ी बिजली मांग

Saba Naaz
18 July 2026 6:25 PM IST
हरियाणा ने दर्ज की अब तक की सबसे बड़ी बिजली मांग
x

हरियाणा: पड़ रही भीषण गर्मी और उमस ने बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव डाल दिया है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच प्रदेश में बिजली की मांग ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 17 जुलाई 2026 को हरियाणा में बिजली की अधिकतम मांग पहली बार 16,170 मेगावाट तक पहुंच गई। वहीं, प्रदेश में एक दिन में रिकॉर्ड 3,311.68 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। बढ़ते लोड के कारण बिजली निगम को मांग और उपलब्धता के बीच अंतर को पूरा करने के लिए 102.31 लाख यूनिट बिजली कटौती करनी पड़ी।

बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग 16,170 मेगावाट दर्ज की गई। हालांकि, दोपहर 2:59 बजे कुछ समय के लिए तात्कालिक मांग 16,251 मेगावाट तक पहुंच गई थी। पूरे दिन औसत बिजली मांग 13,798 मेगावाट रही, जबकि लोड फैक्टर 85.34 प्रतिशत दर्ज किया गया। लगातार बढ़ती मांग के चलते बिजली व्यवस्था को संतुलित रखना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया।

प्रदेश में बिजली की आवश्यकता 3,413.99 लाख यूनिट तक पहुंच गई थी, लेकिन सीमित उपलब्धता के कारण पूरी मांग को पूरा नहीं किया जा सका। इसके चलते कुल 102.31 लाख यूनिट बिजली कटौती करनी पड़ी। कटौती का सबसे अधिक असर शहरी इलाकों में देखने को मिला, जहां 55.44 लाख यूनिट बिजली की कटौती हुई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 46.88 लाख यूनिट की कटौती दर्ज की गई।

हालांकि अधिकतम मांग के समय मेगावाट स्तर पर बड़ी कटौती नहीं करनी पड़ी, लेकिन रात के समय बिजली आपूर्ति पर दबाव बना रहा। रात करीब 12:45 बजे जब न्यूनतम मांग 11,986 मेगावाट थी, तब भी करीब 1,700 मेगावाट तक बिजली कटौती की स्थिति बनी रही।

दिनभर बढ़ता रहा बिजली का दबाव

17 जुलाई को सुबह से ही प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ती रही। रात 12 बजे के बाद बिजली लोड 12,482 मेगावाट था। सुबह 8 बजे तक यह बढ़कर 13,442 मेगावाट पहुंच गया। इसके बाद सुबह 10 बजे मांग 14,330 मेगावाट, दोपहर 12 बजे 15,290 मेगावाट और दोपहर 2 बजे 15,875 मेगावाट दर्ज की गई। दोपहर 3 बजे बिजली लोड अपने सर्वोच्च स्तर 16,163 मेगावाट तक पहुंच गया।

गर्मी बढ़ने के कारण घरों, उद्योगों, कृषि क्षेत्रों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों के अधिक इस्तेमाल से शहरी क्षेत्रों में बिजली की मांग में भारी वृद्धि देखी जा रही है।

सभी क्षेत्रों में बढ़ी बिजली खपत

बिजली खपत के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के लगभग सभी उपभोक्ता वर्गों में बिजली की मांग बढ़ी है। कृषि फीडर (एपी) में 702.24 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई, जो पिछले दिन की तुलना में 0.99 प्रतिशत और पिछले साल के मुकाबले 59.51 प्रतिशत अधिक है।

ग्रामीण वितरण प्रणाली (आरडीएस) में 637.73 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, जिसमें पिछले दिन की तुलना में 3.45 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। उद्योगों में भी बिजली की खपत बढ़ी है। औद्योगिक क्षेत्रों में 634.23 लाख यूनिट बिजली उपयोग हुई, जो एक दिन पहले से 1.70 प्रतिशत अधिक है।

शहरी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बिजली खपत दर्ज की गई। यहां 1,067.08 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, जो पिछले दिन की तुलना में 2.12 प्रतिशत अधिक है। कुल मिलाकर प्रदेश में बिजली खपत 3,041.28 लाख यूनिट रही, जो 16 जुलाई की तुलना में 2.05 प्रतिशत ज्यादा और पिछले वर्ष 17 जुलाई 2025 के मुकाबले 32.94 प्रतिशत अधिक है।

एक दिन में ही टूट गया पिछला रिकॉर्ड

जुलाई महीने में हरियाणा में बिजली मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। 16 जुलाई 2026 को प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग 16,001 मेगावाट दर्ज की गई थी, लेकिन अगले ही दिन 17 जुलाई को यह आंकड़ा बढ़कर 16,170 मेगावाट पहुंच गया। इसी तरह बिजली खपत भी एक दिन में 3,202.97 लाख यूनिट से बढ़कर 3,311.68 लाख यूनिट हो गई।

पिछले साल की तुलना में इस बार बिजली की मांग में काफी बड़ा उछाल देखने को मिला है। 17 जुलाई 2025 के मुकाबले इस वर्ष बिजली खपत में करीब 35.81 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि अधिकतम बिजली मांग में 39.32 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बिजली उत्पादन इकाइयां लगातार कर रही काम

बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए प्रदेश की कई बिजली उत्पादन इकाइयां लगातार संचालित की जा रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पीटीपीएस की यूनिट 6, 7 और 8, डीसीआरटीपीपी की यूनिट 1 और 2, एपीएमयूएल की यूनिट 7 और 8, आईजीटीपीएस की यूनिट 1, 2 और 3, एमजीटीपीएस की यूनिट 1 और 2 तथा आरजीटीपीएस की यूनिट 1 और 2 बिजली उत्पादन में लगी हुई हैं।

बिजली विभाग का प्रयास है कि बढ़ती मांग के बीच उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक निर्बाध आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके। हालांकि, मौसम में लगातार बढ़ोतरी और गर्मी के चलते आने वाले दिनों में बिजली की मांग और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

Next Story