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1 नवंबर से दिल्ली में बसों के प्रवेश पर पाबंदियां लागू होने जा रही हैं। इसे देखते हुए, सोनीपत पुलिस ने 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। नई पाबंदियों के तहत, केवल CNG, इलेक्ट्रिक और BS-VI डीजल बसों को ही राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की अनुमति होगी। दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की जांच के लिए, पुलिस कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (KGP) और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के 'जीरो पॉइंट' पर विशेष जांच चौकियां (चेकपॉइंट) बनाएगी।
DCP (ट्रैफिक) सोनाक्षी सिंह ने बताया कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि तय उत्सर्जन (emission) और ईंधन मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को दिल्ली में प्रवेश न करने दिया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस बस ऑपरेटरों, ट्रांसपोर्ट यूनियनों, टूर ऑपरेटरों और स्कूलों व अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करेगी, ताकि उन्हें इन नई पाबंदियों के बारे में जागरूक किया जा सके। CAQM के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ट्रैफिक मूवमेंट पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
DCP ने बताया कि जयपुर और आगरा की ओर जाने वाले वाहन चालक वैकल्पिक रास्तों के रूप में KGP और KMP एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकते हैं। KGP-KMP जीरो पॉइंट पर विशेष टीमें तैनात की जाएंगी, जो वाहनों की जांच करेंगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। इस बीच, हरियाणा रोडवेज के महाप्रबंधक (GM) संजय कुमार ने बताया कि सोनीपत पहला ऐसा जिला है जिसे दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की अनुमति मिली है। जिन आठ इलेक्ट्रिक बसों के लिए परमिट दिए गए थे, उनमें से पांच का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि सोनीपत डिपो के बेड़े में 211 बसें हैं, और ये सभी BS-VI उत्सर्जन मानकों का पालन करती हैं। इसलिए, इन नई पाबंदियों का सोनीपत डिपो की बसों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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