
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने वायरल हेपेटाइटिस-बी और सी से पीड़ित मरीजों को बेहतर और आसान स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP) के तहत राज्य में 10 नए वायरल हेपेटाइटिस उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के शुरू होने के बाद प्रदेश में उपचार केंद्रों की संख्या 26 से बढ़कर 36 हो जाएगी।
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य हेपेटाइटिस-बी और सी से संक्रमित मरीजों को समय पर जांच, उपचार और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना है। नए केंद्रों के शुरू होने से मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों में जाने की जरूरत कम होगी और वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही आवश्यक सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे।
इन उपचार केंद्रों पर मरीजों को निशुल्क जांच, बीमारी की पुष्टि, दवाइयां, चिकित्सकीय परामर्श और नियमित फॉलोअप की सुविधा दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे बीमारी की जल्द पहचान और समय पर इलाज संभव होगा, जिससे गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं को रोका जा सकेगा।
वायरल हेपेटाइटिस-बी और सी लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारियां हैं। लंबे समय तक इनका पता नहीं चलने पर यह लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती हैं। ऐसे में शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान और नियमित उपचार बेहद जरूरी माना जाता है।
हरियाणा सरकार की ओर से उठाए गए इस कदम को राज्य में वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। नए केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को भी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन केंद्रों में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो मरीजों की जांच, उपचार प्रक्रिया और फॉलोअप की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही मरीजों को बीमारी से बचाव और सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
सरकार का जोर केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारी की रोकथाम और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी है। इसके लिए समय-समय पर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, जिनमें लोगों को हेपेटाइटिस संक्रमण के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी जाती है।
हेपेटाइटिस संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित रक्त, असुरक्षित चिकित्सा प्रक्रियाओं और अन्य माध्यमों से फैल सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग लोगों को सुरक्षित चिकित्सा पद्धतियों, जांच और समय पर इलाज के महत्व के बारे में जागरूक करता है।
राज्य में उपचार केंद्रों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पहले जहां मरीजों को इलाज के लिए सीमित केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब अधिक स्थानों पर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों के नियंत्रण के लिए मरीजों का नियमित उपचार और दवाइयों का लगातार सेवन जरूरी होता है। नए केंद्रों से मरीजों को बेहतर निगरानी और समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकेगी।
हरियाणा सरकार का यह निर्णय प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि वायरल हेपेटाइटिस से प्रभावित लोगों को गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराई जा सकें।
10 नए केंद्रों के संचालन में आने के बाद राज्य में हेपेटाइटिस उपचार नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।





