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हरियाणा : एनसीआर में 23 अतिरिक्त वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित करेगी सरकार

SHIDDHANT
24 April 2026 10:11 PM IST
हरियाणा : एनसीआर में 23 अतिरिक्त वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित करेगी सरकार
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Haryana: हरियाणा: सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 23 अतिरिक्त वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन स्थापित करेगी, जिससे जुलाई तक इनकी कुल संख्या बढ़कर 52 हो जाएगी। राज्य सरकार जल्द ही परिवहन सेवाओं को नियमित करने के लिए एग्रीगेटर नीति लागू करेगी, जबकि पुराने ठोस कचरे (लेगेसी वेस्ट) को 11 महीनों के भीतर पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। यह जानकारी यहां मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन की समीक्षा बैठक में सामने आई।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को समयसीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए और कहा कि वायु गुणवत्ता में दीर्घकालिक सुधार के लिए विभिन्न क्षेत्रों के बीच लगातार समन्वय जरूरी है। रस्तोगी ने एनसीआर क्षेत्रों के नगर निगम आयुक्तों के साथ-साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कम से कम पांच प्रमुख सड़कों की पहचान करें और उन्हें धूल-मुक्त मॉडल सड़कों के रूप में विकसित या पुनर्विकसित करें।
उन्होंने सभी चरणों 'डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर)' तैयार करने से लेकर अंतिम कार्य पूरा होने तक के लिए स्पष्ट समयसीमा के साथ व्यापक योजना बनाने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि परिवहन, निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों तथा उद्योगों से होने वाले प्रदूषण को सटीक योजना और समयबद्ध कार्रवाई से नियंत्रित करना होगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यावरण) सुधीर राज पाल ने पूरे क्षेत्र में वाहनों से होने वाले प्रदूषण
को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और खासकर ज्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों में जांच अभियान तेज किए जाएं, ताकि ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जा सके।
पाल ने चलती गाड़ियों से निकलने वाले धुएं की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने और उसी आधार पर चालान जारी करने की जरूरत भी बताई। मुख्य सचिव रस्तोगी ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि वह पीयूसी केंद्रों से डेटा एकत्र करे, जिसमें ऐसे मामलों की जानकारी भी शामिल हो जहां प्रमाणपत्र देने से मना किया गया हो या वाहन निर्धारित मानकों से अधिक प्रदूषण फैलाते पाए गए हों।
प्रधान सचिव (परिवहन) राजा शेखर वुंडरू ने बताया कि विभाग जल्द ही कैब और राइड-शेयरिंग सेवाओं को नियंत्रित करने के लिए एग्रीगेटर नीति लागू करेगा। इस नीति का उद्देश्य निजी वाहनों के बड़े बेड़े को एक व्यवस्थित ढांचे में लाना है, जिससे उत्सर्जन मानकों का पालन सुनिश्चित हो और परिवहन से होने वाले प्रदूषण में कमी आए।
उन्होंने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के अनुसार एनसीआर के प्रमुख जिलों में डीजल ऑटो-रिक्शा लगभग पूरी तरह हटाए जा चुके हैं। बाकी क्षेत्रों में भी इन्हें 31 दिसंबर तक चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
उन्होंने ‘नया सफर योजना’ की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत करीब 1.9 लाख पुराने ट्रकों और 16,000 बसों को हटाकर उनकी जगह साफ-सुथरे बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन लाए जाएंगे, जिसके लिए वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
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