
Haryana हरियाणा राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी को 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के SMO को भी आरोपी बनाया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान नूंह के PHC पिनांगवां में मल्टी-पर्पस हेल्थ वर्कर के तौर पर काम करने वाले मोनू शर्मा के रूप में हुई है। PHC पिनांगवां के SMO डॉ. बीरपाल को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके बेटे के खिलाफ पिनांगवां पुलिस स्टेशन में POCSO एक्ट और BNS की धारा 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी ने कथित तौर पर पीड़ित की मेडिकल जांच के दौरान शिकायतकर्ता से संपर्क किया और उसे भरोसा दिलाया कि वह पीड़ित का मेडिकल सैंपल बदल देगा और उसके बेटे को बचाने के लिए मेडिको-लीगल रिपोर्ट में उसके पक्ष में राय देगा। शुरू में इस काम के लिए 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इसके बाद, आरोपी ने बार-बार शिकायतकर्ता से संपर्क किया और मामले को निपटाने और कार्यवाही को उसके पक्ष में करने के बहाने रिश्वत की मांग की। मामले को लेकर बाद की बातचीत में, आरोपी ने 3.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी और आखिरकार 2.5 लाख रुपये पर बात तय हुई। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना SV&ACB को दी।
शिकायत की पुष्टि के बाद, SV&ACB फरीदाबाद की अगुवाई वाली एक टीम ने जाल बिछाया और आरोपी मोनू शर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।





