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Chandigarh चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने अपने बयान को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने हमेशा कर्म और ज्ञान को इंसान की पहचान बताया है, न कि जन्म को। गीता भुक्कल ने कहा कि उन्होंने जो बात कही थी, उसका उद्देश्य किसी पूरे समाज का अपमान करना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्राह्मण समाज का वह सम्मान करती हैं और उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया।
विधायक ने कहा कि संत रविदास जी का संदेश था कि व्यक्ति अपने कर्मों से महान या छोटा बनता है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को केवल जन्म के आधार पर सम्मान नहीं मिलना चाहिए, बल्कि उसके आचरण, ज्ञान और अच्छे कार्यों के आधार पर पहचान होनी चाहिए।
गीता भुक्कल ने राम कुमार गौतम पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके व्यवहार और नेता प्रतिपक्ष को लेकर की गई कथित टिप्पणियों के संदर्भ में उन्होंने अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं थी, बल्कि एक व्यक्ति के व्यवहार को लेकर थी।
उन्होंने कहा कि पूरे ब्राह्मण समाज के प्रति उनके मन में सम्मान है और समाज के सभी वर्गों का आदर किया जाता है। उन्होंने संत रविदास जी के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि ज्ञान और सद्गुण रखने वाले व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए।
इस बयान के बाद हरियाणा की राजनीति में बहस तेज हो गई है। विपक्ष और विभिन्न सामाजिक समूहों की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। वहीं गीता भुक्कल ने अपने पक्ष को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके बयान का उद्देश्य सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाना नहीं था। उन्होंने कहा कि समाज में सभी वर्गों का समान सम्मान होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति का मूल्यांकन उसके कर्मों और व्यवहार से किया जाना चाहिए।
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