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Haryana : नशा तस्करों की जमानत पर रोक, बहिष्कार का फैसला

Kavita2
9 Jun 2026 10:26 AM IST
Haryana : नशा तस्करों की जमानत पर रोक, बहिष्कार का फैसला
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Haryana हरियाणा: गांव गोरीवाला में सोमवार को दादा भोमिया महाराज के मंदिर में नशे के खिलाफ एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ते नशे और उससे जुड़े अपराधों पर गंभीर चिंता जताते हुए कई कड़े निर्णय लिए। बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि नशा तस्करों की न तो पंचायत स्तर पर और न ही किसी ग्रामीण द्वारा जमानत कराई जाएगी।

महापंचायत में लिए गए निर्णय के अनुसार, यदि कोई ग्रामीण नशा तस्कर की जमानत करवाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे व्यक्ति का नाम और फोटो गांव के चौराहे पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि सामाजिक रूप से उसे जवाबदेह ठहराया जा सके। इस फैसले को ग्रामीण अनुशासन और नशा उन्मूलन की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है।

बैठक में उपस्थित वकीलों ने भी सहमति जताते हुए कहा कि वे नशा तस्करों की जमानत नहीं करेंगे। वकीलों की इस सहमति को ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई को मजबूत करने वाला निर्णय बताया।

महापंचायत में यह भी चर्चा हुई कि हाल ही में दादा भोमिया मंदिर में हुई चोरी की घटना में शामिल युवक नशे का आदी पाया गया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया। पंचायत ने निर्णय लिया कि ऐसे व्यक्ति और उसके परिवार को गांव से बाहर किया जाएगा, ताकि गांव में नशे की प्रवृत्ति को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

नशे की रोकथाम के लिए गांव में सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत लठैत युवाओं की टीम गांव की सीमाओं पर निगरानी रखेगी, ताकि बाहरी स्रोतों से नशे की आपूर्ति को रोका जा सके और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

महापंचायत का नेतृत्व कर रहे जयपाल बग्गी ने कहा कि गांव में बढ़ते नशे और उससे उत्पन्न हो रहे अपराधों को देखते हुए यह निर्णय लेना आवश्यक हो गया था। उन्होंने कहा कि नशा न केवल युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर कर रहा है।

ग्रामीणों ने कहा कि यह फैसला गांव को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है और इसमें हर परिवार की भागीदारी जरूरी है। पंचायत में यह भी तय किया गया कि आगे से किसी भी प्रकार की नशा गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त सामाजिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कुल मिलाकर, गोरीवाला की यह महापंचायत नशे के खिलाफ एक सख्त सामाजिक संदेश देती है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने गांव को नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे और किसी भी स्तर पर नशा तस्करों को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।

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