
Haryana हरियाणा: जिला नागरिक अस्पताल परिसर में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए अलग अस्पताल के निर्माण की योजना को लेकर लंबे समय से चल रही प्रतीक्षा अब खत्म होने की दिशा में बढ़ रही है। करीब पांच वर्ष से कागजों में अटकी यह परियोजना अब धरातल पर उतरने की उम्मीद जगा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय से इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी है, जिसके बाद अब आगामी दिनों में इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) इस परियोजना के तहत 20 करोड़ रुपये की लागत से दो मंजिला मातृ एवं शिशु अस्पताल का निर्माण करेगा।
इस नए अस्पताल के निर्माण से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासकर गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के इलाज के लिए यह एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगी, जिससे मरीजों को बेहतर और समय पर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।
वर्तमान में 200 बेड वाले जिला नागरिक अस्पताल में सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है। इसी कारण गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी और नवजात बच्चों के उपचार के दौरान अक्सर संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मरीजों को अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
अधिकारियों के अनुसार, नए मातृ-शिशु अस्पताल के निर्माण के बाद महिलाओं को सुरक्षित और निशुल्क प्रसव की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी। इससे न केवल अस्पताल पर दबाव कम होगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी।
यह परियोजना स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ प्रसूति और नवजात शिशु देखभाल से संबंधित विशेष विभाग विकसित किए जाएंगे।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य को तेजी से शुरू किया जाएगा, ताकि परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि यह अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं में लंबे समय से चली आ रही कमियों को दूर करने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर, जिला नागरिक अस्पताल परिसर में बनने वाला यह मातृ एवं शिशु अस्पताल क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है और महिलाओं व बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





