
हांसी: क्षेत्र के गांव ढाणी कुतुबपुर में पेयजल संकट से गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। लंबे समय से खारे पानी की आपूर्ति और नहरी पानी की अनियमित सप्लाई से परेशान बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव के वाटर बॉक्स पर जमा हुए और जल विभाग के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे चनौत गांव की तर्ज पर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
पेयजल समस्या से तंग ग्रामीणों ने बुधवार रात प्रदर्शन करते हुए बताया कि गांव में पानी की भारी तंगी चल रही है। गांव निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता राहुल शर्मा ने बताया कि गांव में लंबे समय से पीने के लिए खारे पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे ग्रामीणों को दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
राहुल शर्मा के अनुसार, गांव के वाटर बॉक्स के सभी टैंक नहरी पानी से भरे हुए हैं, लेकिन मोटर खराब होने के कारण उसकी सप्लाई नहीं हो पाती। जब मोटर ठीक होती है, तो कोई अन्य तकनीकी खराबी सामने आ जाती है, जिससे नहरी पानी की आपूर्ति फिर बाधित हो जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को ट्यूबवेल के खारे पानी या अन्य वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि खारे पानी के लगातार उपयोग से गांव में सोरायसिस, स्किन एलर्जी और अन्य त्वचा संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में चिंता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल विभाग के शिकायत केंद्र पर बार-बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद अधिकारी और कर्मचारी कागजों में ही समाधान दिखाकर उन्हें बंद कर देते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं होता।
ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद विभाग के अधिकारियों ने गांव के लोगों से संपर्क किया और 24 घंटे के भीतर पेयजल समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।





