Hansi: अस्पताल के सामने प्रदर्शनकारियों ने रेफरल सिस्टम बंद करने की मांग की

हांसी: फरीदाबाद की रेफर मुक्त संघर्ष समिति के संयोजक सतीश चोपड़ा अपने एक साथी के साथ साइकिल यात्रा पर हरियाणा के विभिन्न सरकारी अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में हांसी पहुंचने पर उन्होंने सिविल अस्पताल के बाहर सांकेतिक धरना देकर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग उठाई।
सतीश चोपड़ा ने बताया कि इससे पहले उन्होंने फरीदाबाद सिविल अस्पताल के बाहर 294 दिनों तक धरना दिया था। उस दौरान सरकार ने अस्पतालों के उन्नयन, ट्रॉमा सेंटर निर्माण तथा डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने जैसी कई घोषणाएं की थीं, लेकिन अधिकांश घोषणाओं पर अभी तक अमल नहीं हुआ है। इसी वजह से वे साइकिल यात्रा के माध्यम से सरकारी अस्पतालों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर रहे हैं और लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक वे हरियाणा के 14 जिलों का दौरा कर चुके हैं।
हांसी सिविल अस्पताल में बताईं कई कमियां
सतीश चोपड़ा ने हांसी सिविल अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि यहां प्राथमिक ट्रॉमा सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन पूर्ण ट्रॉमा सेंटर नहीं है। अस्पताल में फार्मासिस्ट सहित कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। कैंसर डे-केयर सेंटर में ऑन्कोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के आईसीयू और एचडीयू में भी स्टाफ की कमी है, जिसके कारण मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा। कई वार्डों में एयर कंडीशनर खराब मिले, जबकि मरीजों को आवश्यक दवाइयों की कमी के चलते बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
हालांकि, उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था को संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने के कारण अक्सर उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर करना पड़ता है।
सतीश चोपड़ा ने सरकार से अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर करने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करने और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने की मांग की।





