
हांसी: भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन में टी लगाकर पानी की आपूर्ति की मांग को लेकर चानौत गांव में चल रहा धरना रविवार को 44वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरना स्थल पर महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के ग्रामीणों, विभिन्न खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया।
महापंचायत में भादरा के पूर्व विधायक बलवान सिंह पूनिया और पूर्व मंत्री छत्रपाल सिंह भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। वक्ताओं ने सरकार से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग करते हुए कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना समिति ने दोहराया कि जब तक गांव को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। महापंचायत में मौजूद ग्रामीणों ने सरकार को शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
महापंचायत को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के अनेक गांव आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं, जबकि चानौत के ग्रामीण पिछले 44 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को हरियाणा के लोगों की पेयजल जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार बजट में एसवाईएल नहर परियोजना के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इसे हरियाणा के जल हितों की अनदेखी बताते हुए सरकार से अपनी नीति पर पुनर्विचार करने और जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की गई।





