Hansi: चानौत गांव के पेयजल को लेकर प्रशासन ने लिया विशेष निर्णय

हांसी: चानौत गांव के पेयजल को लेकर चल रहे विवाद के बीच जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। उपायुक्त Rahul Narwal के निर्देश पर गुरुवार 18 जून को जिले के सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी पूरे दिन केवल चानौत गांव के जलघर का पानी पीएंगे।
उपायुक्त राहुल नरवाल ने जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में चानौत गांव के जलघर से भरे हुए पानी के कैंपर उपलब्ध कराए जाएं। गुरुवार सुबह इन कैंपरों को गांव से भरवाकर विभिन्न कार्यालयों में पहुंचाया जाएगा।
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक कैंपर पर स्पष्ट रूप से "चानौत गांव का पानी" लिखी पर्ची लगाई जाए, ताकि उसकी पहचान सुनिश्चित हो सके। साथ ही अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि इस दिन आरओ प्लांट से आने वाले पानी के कैंपर नहीं मंगवाए जाएं।
उपायुक्त ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों में विश्वास बहाल करना और पानी की गुणवत्ता को लेकर फैली आशंकाओं को दूर करना है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि कार्यालयों में गांव का पानी पहुंचाने की प्रक्रिया का फोटो रिकॉर्ड तैयार कर प्रशासन को भेजा जाए।
इस संबंध में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता Sanjeev Tyagi ने बताया कि चानौत गांव के जलघर के पानी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। प्राप्त रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप और सुरक्षित पाई गई है।
उन्होंने कहा कि लैब रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि जलघर का पानी पीने योग्य है। इसी विश्वास को प्रदर्शित करने और ग्रामीणों की शंकाएं दूर करने के लिए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि अधिकारी और कर्मचारी स्वयं भी उसी पानी का सेवन करेंगे।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब चानौत गांव में पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन और आमरण अनशन जारी है। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से पानी की गुणवत्ता को लेकर लोगों के बीच भरोसा बढ़ेगा।





