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Gurugram: गुरुग्राम में ऑटो स्टैंड का इंतजार खत्म नहीं, 12 साल से स्थिति जस की तस

Admindelhi1
15 Jun 2026 10:33 AM IST
Gurugram: गुरुग्राम में ऑटो स्टैंड का इंतजार खत्म नहीं, 12 साल से स्थिति जस की तस
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ऑटो स्टैंड न होने से सड़क किनारे खड़े होने को मजबूर चालक

गुरुग्राम: पिछले 12 वर्षो से हरियाणा ऑटो चालक संघ सरकार से ऑटो स्टैंड बनाने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार इस महत्वपूर्ण विषय को नजर अंदाज कर रही है। पिछले कई वर्षों में गुरुग्राम की जनसंख्या, मेट्रो स्टेशन, व्यावसायिक केंद्र एवं आवासीय क्षेत्रों में तेजी से वृद्धि हुई है, लेकिन ऑटो चालकों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं एवं अधिकृृत स्टैंडों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।

यह बात भारतीय प्राईवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष योगेश शर्मा ने रविवार को मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास एक ट्रैफिक जागरुकता अभियान कार्यक्रम के दौरान कही। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वाहन चालकों, ऑटो चालकों तथा आम नागरिकों को सडक़ सुरक्षा नियमों के प्रति जागरुक करना तथा गुरुग्राम में बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम के दौरान संघ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने ऑटो चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने, अपने वाहन के कागजात पूरे रखने, ओवर स्पीड से बचने, मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए वाहन न चलाने, लेन में चलने, गलत दिशा में वाहन ना चलाने, वर्दी पहन कर वाहन चलाने, ऑटो में पुलिस वेरिफिकेशन प्लेट लगााकर चलने तथा सडक़ सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। हरियाणा ऑटो चालक संघ ने गुरुग्राम में ऑटो चालकों की सबसे बड़ी समस्या को उठाते हुए हरियाणा सरकार एवं प्रशासन से गुरुग्राम में कम से कम 100 अधिकृत ऑटो स्टैंड बनाने की मांग की। संघ ने कहा कि लाखों यात्रियों को परिवहन सेवा देने वाले ऑटो चालकों के लिए शहर में पर्याप्त ऑटो स्टैंड उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण चालकों को मजबूरी में सडक़ों के किनारे खड़ा होना पड़ता है और अनावश्यक विवाद तथा ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न होती है।

हरियाणा ऑटो चालक संघ ने मांग की है कि गुरुग्राम में चरणबद्ध तरीके से 100 अधिकृत ऑटो स्टैंड बनाए जाएं। सभी प्रमुख मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों, अस्पतालों, मॉल व बाजारों एवं औद्योगिक क्षेत्रों के पास ऑटो स्टैंड निर्धारित किए जाएं। ऑटो स्टैंडों पर पेयजल, शौचालय एवं विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। ट्रैफिक एवं परिवहन व्यवस्था सुधारने के लिए ड्राइवर संगठनों को भी परामर्श प्रक्रिया में शामिल किया जाए।

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