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GURUGRAM गुरुग्राम : विशेष अदालत (पीएमएलए) ने एसआरएस ग्रुप की विभिन्न कंपनियों के प्रमोटरों और निदेशकों (जितेंद्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल और प्रवीण कुमार कपूर) को नोटिस जारी किया है। विशेष अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए), 2018 के तहत एसआरएस ग्रुप की कंपनियों के प्रमोटरों और निदेशकों को यह नोटिस जारी किया है। ईडी के अनुसार, यह नोटिस धारा 4, एफईओए, 2018 के तहत दायर एक आवेदन के आधार पर जारी किया गया है, जिसमें इन आरोपियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने और उनके द्वारा नियंत्रित कंपनियों, सहयोगियों और उनकी 212.73 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने की मांग की गई है। एसआरएस ग्रुप रियल एस्टेट और वित्तीय व्यवसाय में सक्रिय था। इन प्रमोटरों पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, संपत्ति का आपराधिक दुरुपयोग और आपराधिक साजिश जैसे अपराधों का आरोप है, जिसमें उन्होंने होमबायर्स, प्लॉट खरीदारों, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को ठगा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा पुलिस, दिल्ली ईओडब्ल्यू और सीबीआई, नई दिल्ली द्वारा दर्ज लगभग 81 एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। इन एफआईआर में भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत अनिल जिंदल, जितेंद्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल, प्रवीण कुमार कपूर और एसआरएस ग्रुप के अन्य निदेशकों तथा प्रमुख कर्मचारियों के खिलाफ आरोप लगाए गए थे। इन लोगों ने निवेश के नाम पर जनता और बैंकों से लगभग 2200 करोड़ रुपए की भारी राशि इकट्ठा की और हाई रिटर्न का वादा करके निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की।
ईडी की जांच में मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल व्यक्तियों और कंपनियों की पहचान की गई। जांच में पाया गया कि जितेंद्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल और प्रवीण कुमार कपूर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे, जिसके बाद 2022 में इस मामले में अभियोजन शिकायत दर्ज की गई। ईडी ने अपराध से प्राप्त संपत्तियों की पहचान की और अब तक इस मामले में 2215.98 करोड़ रुपए की संपत्तियों को कुर्क किया गया है। ईडी की जांच से पता चला है कि तीनों आरोपी (जितेंद्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल और प्रवीण कुमार) भारत छोड़ चुके हैं, जो जॉर्जिया, दुबई और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रह रहे हैं। ये आरोपी आपराधिक मुकदमे का सामना न करने के लिए भारतीय न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहकर कानूनी प्रक्रिया से बच रहे हैं। सभी भगोड़ों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट, लुकआउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है। इससे पहले, 6 जून 2025 को विशेष अदालत ने उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। वर्तमान में जितेंद्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल और प्रवीण कुमार कपूर को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने और उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया गुरुग्राम की विशेष अदालत में चल रही है।
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