Gurugram: नाबालिग हत्या मामले में तांत्रिकों की भूमिका पर पुलिस की जांच

गुरुग्राम: केएमपी एक्सप्रेसवे के पास मिले लड़की के शरीर के अंगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि लड़की की हत्या 16 या 17 नवंबर को की गई थी। जिस समय पुलिस ने शव के अंग बरामद किए तब हत्या हुए 48 से 60 घंटे बीत चुके थे। पुलिस को इस मामले में जादू टोना करने वालों द्वारा बलि देने का भी शक है। पुलिस तांत्रिकों से भी पूछताछ कर रही है।
जांच अधिकारी रमेश गुलिया ने बुधवार को बताया कि बच्ची की हत्या पूरी योजना के तहत की गई है, हालाकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि बच्ची की उम्र छह से आठ साल के बीच है और मौत के समय बच्ची स्वस्थ थी। चौकाने वाली बात यह है कि बच्ची का कटा हुआ सिर जिस जगह मिला उसके पास ही बच्ची के बाल भी अलग से मिले हैं। पुलिस को शक है कि बच्ची के साथ तांत्रिक क्रियाएं की गई है। जिसके चलते उसकी हत्या की और फिर शव के टुकड़े करके फेंके गए, ताकि बच्ची की पहचान ना हो सके।
पुलिस ने बच्ची पहचान के लिए लापता बच्चों की डिटेल को खंगाल रही है। पुलिस ने लोगों से भी गुमशुदा बच्चों के बारे में जानकारी देने की अपील की है। पुलिस ने बच्ची के अंगों से डीएनए सैंपल ले लिया है। ताकि बच्ची के परिजनों से मिलाया जा सके। बता दें कि पिछले बीती 19 नवंबर को पुलिस को बच्ची का सिर और एक पैर मिला था, जबकि धड़ बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने गुरुग्राम के साथ-साथ नूंह, राजस्थान क्षेत्र के तांत्रिको की लिस्ट बनाई है और पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी रमेश गुलिया ने कहा कि पुलिस बच्ची की हत्या के आरोपियो की तलाश कर रही है।





