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भारी बारिश के बीच गुरुग्राम ने संभाले हालात, MCG कमिश्नर प्रदीप दहिया का हुआ तबादला

Kavita2
7 Aug 2026 11:17 AM IST
भारी बारिश के बीच गुरुग्राम ने संभाले हालात, MCG कमिश्नर प्रदीप दहिया का हुआ तबादला
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गुरुग्राम। गुरुग्राम ने गुरुवार को मॉनसून की इस सीजन की सबसे भारी बारिश का सामना किया, लेकिन शहर के अधिकांश हिस्सों में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति नहीं बनी। प्रशासन और नागरिक एजेंसियों की ओर से पहले से की गई तैयारियों के कारण बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया।

भारी बारिश की संभावना को देखते हुए नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों ने जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप, मशीनरी और क्विक रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती की थी। अधिकारियों के अनुसार, इन टीमों ने बारिश के दौरान लगातार निगरानी रखी और जहां पानी जमा हुआ, वहां तुरंत निकासी का काम शुरू किया गया।

गुरुवार को हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी भरने की आशंका बनी हुई थी। गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में मानसून के दौरान जलभराव एक बड़ी चुनौती रहा है। हर साल बारिश के समय कई इलाकों में यातायात प्रभावित होने और लोगों को परेशानी का सामना करने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

इस बार प्रशासन ने पहले से तैयारी करते हुए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पंप लगाए और कर्मचारियों की तैनाती की। इसके चलते कई प्रमुख क्षेत्रों में पानी जमा होने के बाद जल्द ही उसकी निकासी कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई के कारण हालात को बिगड़ने से रोका जा सका।

इसी बीच, गुरुग्राम नगर निगम (MCG) के कमिश्नर प्रदीप दहिया के तबादले की खबर भी सामने आई। जब शहर भारी बारिश से निपट रहा था, उसी दौरान 2013 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी दहिया का तबादला कर उन्हें रोहतक का डिप्टी कमिश्नर नियुक्त कर दिया गया।

मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रदीप दहिया का तबादला तत्काल प्रभाव से किया गया। दहिया गुरुग्राम नगर निगम के कमिश्नर के साथ-साथ जिले के जिला नगर निगम कमिश्नर की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।

प्रशासनिक फेरबदल के तहत 2018 बैच के IAS अधिकारी सचिन गुप्ता को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। रोहतक के मौजूदा डिप्टी कमिश्नर सचिन गुप्ता को अंबाला का डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है।

प्रदीप दहिया के कार्यकाल के दौरान गुरुग्राम में मानसून प्रबंधन, जल निकासी व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को लेकर कई कदम उठाए गए। हालांकि, शहर में जलभराव की समस्या लंबे समय से प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

गुरुग्राम में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण बारिश के पानी की निकासी एक जटिल मुद्दा बन गया है। कई क्षेत्रों में बढ़ते निर्माण कार्य, सीमित ड्रेनेज क्षमता और प्राकृतिक जल निकासी मार्गों में बदलाव के कारण मानसून के दौरान समस्या पैदा होती है।

नगर निगम और जिला प्रशासन का कहना है कि बारिश से निपटने के लिए स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने, पंपिंग क्षमता बढ़ाने और जल निकासी के इंतजामों में सुधार पर ध्यान दिया जा रहा है।

गुरुवार की बारिश के दौरान प्रशासनिक टीमों ने शहर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कहा कि जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और आवश्यकतानुसार कार्रवाई की गई।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बार कई इलाकों में पहले की तुलना में स्थिति बेहतर रही, लेकिन कुछ स्थानों पर अब भी जल निकासी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। लोगों ने मांग की कि मानसून से पहले स्थायी उपायों पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।

प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब गुरुग्राम नगर निगम की नई जिम्मेदारी किस अधिकारी को दी जाएगी, इस पर नजर रहेगी। शहर में बारिश और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को देखते हुए नए अधिकारी के सामने भी कई चुनौतियां होंगी।

गुरुग्राम में मॉनसून प्रबंधन और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। गुरुवार की भारी बारिश के दौरान हालात नियंत्रित रहने के बाद भी अधिकारियों के सामने यह चुनौती बनी रहेगी कि भविष्य में अत्यधिक बारिश के समय शहर को और बेहतर तरीके से तैयार रखा जाए।

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