हरियाणा

Gurugram: गुरुग्राम में बारिश और प्रदूषण के दौरान वर्क फ्रॉम होम पर जोर, दीपक मैनी ने उठाई मांग

Admindelhi1
27 Aug 2026 6:24 PM IST
Gurugram: गुरुग्राम में बारिश और प्रदूषण के दौरान वर्क फ्रॉम होम पर जोर, दीपक मैनी ने उठाई मांग
x
बारिश और प्रदूषण में घर से काम करें कर्मचारी, गुरुग्राम का ट्रैफिक होगा कम : दीपक मैनी

गुरुग्राम: बारिश के दौरान जलभराव और सर्दियों में बढऩे वाले वायु प्रदूषण से लोगों को राहत देने के लिए गुरुग्राम में घर से काम करने की व्यवस्था को मंजूरी दी जानी चाहिए। जिन कर्मचारियों का काम घर से आसानी से हो सकता है, उन्हें खराब मौसम और अधिक प्रदूषण वाले दिनों में दफ्तर आने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को एक स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर इसे लागू करना चाहिए। यह कहना है प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन दीपक मैनी का।

दीपक मैनी ने गुरुवार को कहा कि गुरुग्राम में बारिश के दौरान कई सडक़ों पर जलभराव हो जाता है। इससे यातायात की रफ्तार कम होने के साथ कई जगह लंबा जाम लग जाता है। सर्दियों में वायु प्रदूषण बढऩे पर भी बड़ी संख्या में लोगों के सडक़ पर आने-जाने से वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण को और बढ़ाता है। ऐसे में घर से काम की व्यवस्था दोनों स्थितियों में राहत दे सकती है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में बड़ी संख्या में सूचना प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाओं, सलाहकार सेवाओं और अन्य दफ्तरों में ऐसा काम होता है, जिसे कर्मचारी घर से भी कर सकते हैं। प्रशासन इन संस्थानों की पहचान कर ऐसी व्यवस्था तैयार कर सकता है कि बारिश या वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने पर कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी जाए। घर से काम करने की व्यवस्था लागू होने से सुबह और शाम के व्यस्त समय में सडक़ों पर निजी कारों, टैक्सियों और अन्य वाहनों की संख्या कम हो सकती है। इससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और जाम की समस्या में कमी आएगी। साथ ही वाहनों से निकलने वाले धुएं में कमी आने से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।


दीपक मैनी ने कहा कि प्रशासन को केवल प्रदूषण बढऩे के बाद आदेश जारी करने के बजाय पहले से कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। इसमें वायु गुणवत्ता, बारिश, जलभराव और मौसम की स्थिति के आधार पर घर से काम की व्यवस्था लागू करने के स्पष्ट नियम तय किए जाएं। इससे कंपनियों और कर्मचारियों को अंतिम समय में निर्णय लेने की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे बड़े औद्योगिक और कारोबारी शहर में यह व्यवस्था लोगों को राहत देने के साथ यातायात और प्रदूषण दोनों को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकती है।

Next Story