Gurugram: पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनी ईडन हाइट्स सोसायटी

गुरुग्राम: जोन-1 क्षेत्र में कार्यरत बीडब्ल्यूजी मॉनिटरिंग सेल के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह व उनकी टीम द्वारा सेक्टर-70 स्थित जीपीएल ईडन हाइट्स सोसायटी ने ठोस कचरा प्रबंधन की ओर कदम बढ़ाया है। नगर निगम की टीम ने सोसायटी का कई बार निरीक्षण किया गया। इस दौरान सामने आया कि वहां पर निगम के निर्देशानुसार कचरा प्रबंधन किया जा रहा है।नगर निगम गुरुग्राम द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 की प्रभावी पालना सुनिश्चित कराने के लिए निरंतर की जा रही कार्रवाई के अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
निगम की बीडब्ल्यूजी मॉनिटरिंग सेल द्वारा रोजाना विभिन्न क्षेत्रों में जाकर निरीक्षण किया जा रहा है और बल्क वेस्ट जनरेटर्स को कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जीपीएल ईडन हाइट्स सोसायटी में टीम ने सोसायटी प्रबंधन को बार-बार दिशा-निर्देश जारी करते हुए प्रेरित किया कि वे अपने परिसर में ही कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करें। लगातार निरीक्षण व मार्गदर्शन का सकारात्मक असर यह रहा कि अब सोसायटी ने अपने परिसर के भीतर ही कचरा प्रबंधन की व्यवस्था शुरू कर दी है।
सोसायटी प्रबंधन द्वारा अब कचरे को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग किया जा रहा है। साथ ही गीले कचरे से खाद तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों के अनुसार, ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के तहत निगम सीमा में स्थित सभी रिहायशी सोसायटियों, गेटेड कॉलोनियों, होटलों, औद्योगिक व वाणिज्यिक इकाइयों, ढाबों और रेस्टोरेंट्स को अपने परिसर में ही कचरे का निस्तारण करना अनिवार्य है। ऐसे प्रतिष्ठानों को बीडब्ल्यूजी की श्रेणी में रखा गया है, जिनके यहां प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न होता है अथवा जिनका क्षेत्रफल 5000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है। नगर निगम द्वारा इन सभी इकाइयों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने स्तर पर कचरा निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान एवं अन्य कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि नगर निगम का मुख्य उद्देश्य है कि गुरुग्राम को ठोस कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में स्वावलंबी शहर बनाया जाए।





