हरियाणा

Gurugram IVF जुड़वां बच्चों पर DNA विवाद

Kiran
15 Jun 2026 10:04 AM IST
Gurugram IVF जुड़वां बच्चों पर DNA विवाद
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Gurugram गुरुग्राम के एक जोड़े ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। आरोप है कि IVF से पैदा हुए उनके जुड़वां बच्चों का माता-पिता में से किसी के साथ भी कोई जेनेटिक संबंध नहीं है। यह मामला बच्चों के जन्म के कुछ महीनों बाद एक रूटीन मेडिकल चेक-अप के दौरान सामने आया। डॉक्टरों ने बच्चों में कुछ असामान्य शारीरिक लक्षण देखे और विस्तृत जेनेटिक जांच की सलाह दी। खबरों के मुताबिक, नतीजों में जेनेटिक रूप से कोई मेल नहीं पाया गया; बच्चों का माता या पिता में से किसी के साथ भी कोई बायोलॉजिकल संबंध नहीं था।

पिता राहुल राठौर ने कहा, "छोटा बच्चा नॉर्थ-ईस्टर्न जैसा दिखता था।" मां ने कहा, "हमारे बच्चे कहाँ हैं? हम तो अपने बच्चे पाने के लिए वहाँ गए थे।" परिवार को शक है कि शायद किसी दूसरे जोड़े के एम्ब्रियो (भ्रूण) गलती से इम्प्लांट कर दिए गए थे, या फिर जन्म के बाद बच्चों की अदला-बदली हो गई थी। जोड़े का कहना है कि उन्होंने कई बार IVF सेंटर के मैनेजमेंट और एम्ब्रियोलॉजी टीम से संपर्क करके इंटरनल रिकॉर्ड, मेडिकल फाइल और वेरिफिकेशन लॉग देखने की मांग की, लेकिन उनकी मांगों पर कोई जवाब नहीं दिया गया।

जानकारों का कहना है कि इस तरह का जेनेटिक मिसमैच यह संकेत दे सकता है कि इलाज के दौरान एक या उससे ज़्यादा वेरिफिकेशन प्रोसेस या तो फेल हो गए, उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया गया या उनका ठीक से पालन नहीं किया गया। संबंधित फर्टिलिटी सेंटर ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है।

इस मामले की तुलना दिल्ली के एक फर्टिलिटी क्लिनिक से जुड़े एम्ब्रियो मिक्स-अप के एक ऐसे ही मामले से भी की जा रही है, जो पहले नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन के सामने आया था। भारत का 'असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021' IVF सेंटरों के लिए सख्त रिकॉर्ड-कीपिंग और सहमति (कंसेंट) प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य बनाता है, लेकिन इसे लागू करने का काम ठीक से नहीं हो पाया है।

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