Gurugram: गुरुग्राम में नए नागरिक अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू होने की घोषणा

गुरुग्राम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम को जाम मुक्त और सुगम यातायात वाला शहर बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के नागरिक अस्पताल का निर्माण कार्य जल्दी शुरू होगा।
मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की 15वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें शहर के विभिन्न विकास कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की गई।
पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह, हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह तथा मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर वीसी के माध्यम से जुड़े।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरूग्राम में विकास को तेजी से करने के लिए चल रहे कार्यों की गति को बढाया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध तरीके से सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने इस दौरान जीएमडीए की पिछली बैठक के संबंध में लिए गए निर्णयों की समीक्षा भी की।
मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन पर जाम से मिलेगी मुक्ति
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को जल्द ही राहत मिलेगी। इसके लिए सेक्टर 27, 29, 43 और 44 की ओर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अंडरपास न केवल मेट्रो स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों में यातायात दबाव को कम करेगा, बल्कि दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे से लगते मार्गों पर भी आवागमन को सुगम बनाएगा। इस परियोजना से स्थानीय निवासियों, ऑफिस आने-जाने वालों तथा यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और शहर के ट्रैफिक नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
बैठक के दौरान गुरुग्राम जिले में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी विकास परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शीतला माता मेडिकल कॉलेज के संचालन और शहर में प्रस्तावित नागरिक अस्पताल के निर्माण की प्रगति पर संबंधित विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि श्री शीतला माता मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो इस संस्थान को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर संचालित करने की संभावनाओं पर कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा अधोसंरचना को सुदृढ़ करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं को शीघ्र गति से पूरा किया जाए ताकि आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में बनने वाले नागरिक अस्पताल का निर्माण कार्य भी जल्द से जल्द धरातल पर क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने नागरिक अस्पताल के डिजाइन में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह द्वारा दिए गए सुझावों को भी प्राथमिकता से अमल में लाने के निर्देश दिए।
जीएमडीए को ट्रांसफर होंगी निगम की बड़ी सीवर लाइन
बैठक के दौरान नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने प्रमुख प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जीएमडीए के अधीन मास्टर रोड पर डाली गई 600 एमएम से अधिक साइज की सीवर और ड्रेन लाइनों का रख-रखाव वर्तमान में निगम द्वारा किया जा रहा है, जबकि इनका ट्रांसफर जीएमडीए को किया जाना आवश्यक है। निगमायुक्त ने कहा कि इन बड़ी सीवर लाइनों और नालों का प्रबंधन एकीकृत प्रणाली के तहत जीएमडीए के अधीन आने से शहर की जल निकासी व्यवस्था और सीवरेज नेटवर्क अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित होगा। उन्होंने इस संदर्भ में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि 900 मि.मी. से अधिक साइज की लाइनों और नालों जैसे बस स्टैंड से सीआरपीएफ चौक, सेक्टर-4 से लक्ष्मण बिहार डिवाइडिंग रोड, पुरानी दिल्ली रोड, ज्योति पार्क, सेक्टर 4/7 से एमपीएस तक तथा बसई रोड तक फैले नेटवर्क को जीएमडीए को ट्रांसफर करने से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
गुरुग्राम से पलवल वाया नूंह तक नई ड्रेन के लिए डीपीआर बनाने के दिए निर्देश
बैठक में गुरुग्राम से पलवल वाया नूंह तक नई ड्रेन की योजना पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस ड्रेन के निर्माण से नजफगढ़ ड्रेन पर दबाव कम होगा और बरसाती पानी के निकास की स्थाई व्यवस्था बन सकेगी। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को गुरुग्राम की भावी जरूरतों से जुड़ा बताते हुए इसे प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नई ड्रेन का निर्माण न केवल जलभराव की समस्या का स्थाई समाधान करेगा बल्कि क्षेत्र में जल संरक्षण और प्रबंधन की दृष्टि से भी यह एक दूरदर्शी पहल साबित होगी। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को शीघ्र डीपीआर तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के सुझावों को भी शामिल किया जाए, ताकि यह परियोजना हर दृष्टि से व्यवहारिक और व्यापक हो।





