Gurugram: बारिश के बीच सड़कों और जलनिकासी का निरीक्षण करने पहुंचे आयुक्त

गुरुग्राम: नगर निगम गुरुग्राम के निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने गुरुवार सुबह अधिकारियों की टीम के साथ सेक्टर-17 का दौरा किया। क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था, सडक़ों की स्थिति तथा अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर स्थानीय निवासियों के साथ विस्तार से चर्चा की।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सडक़ें, प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए फील्ड निरीक्षण, नागरिक संवाद और तकनीकी योजना के आधार पर लगातार कार्य किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने निगम पार्षद अनूप सिंह एवं सेक्टर के निवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। उन्होंने अधिकारियों के साथ क्षेत्र की मौजूदा जलनिकासी व्यवस्था और सडक़ संबंधी आवश्यकताओं पर चर्चा करते हुए बेहतर एवं दीर्घकालिक समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि स्थानीय समस्याओं के बेहतर समाधान के लिए नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद महत्वपूर्ण है। फील्ड निरीक्षण के दौरान क्षेत्रवासियों द्वारा जलनिकासी एवं सडक़ों से जुड़े विभिन्न विषय अधिकारियों के समक्ष रखे गए, जिन पर तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने संबंधित इंजीनियरिंग अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों द्वारा उठाए गए विषयों का तकनीकी परीक्षण किया जाए तथा प्राथमिकता और आवश्यकता के अनुसार प्रभावी समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए।
निरीक्षण के दौरान सेक्टर में वर्षा जल की सुचारु निकासी सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई। निगमायुक्त ने इंजीनियरिंग अधिकारियों से मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क की स्थिति और आवश्यक सुधारों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्याओं के समाधान के लिए तात्कालिक उपायों के साथ-साथ स्थाई और तकनीकी रूप से प्रभावी समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। जहां भी ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार या नेटवर्क को मजबूत करने की आवश्यकता है, वहां योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए।
सेक्टरवासियों के साथ बातचीत के दौरान सडक़ों की स्थिति और आवश्यक सुधार कार्यों को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र की सडक़ संबंधी आवश्यकताओं का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और स्थायित्व को प्राथमिकता दी जाए तथा इंजीनियरिंग कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान संयुक्त आयुक्त रविन्द्र मलिक, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, कार्यकारी अभियंता संदीप सिहाग व संदीप धुंधवाल सहित अन्य इंजीनियर एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





