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Gurgaon MCG की स्कीम: प्रॉपर्टी मालिक करें ये काम, मिलेगा टैक्स में फायदा

Admindelhi1
11 Jun 2025 5:14 PM IST
Gurgaon MCG की स्कीम: प्रॉपर्टी मालिक करें ये काम, मिलेगा टैक्स में फायदा
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गुड़गांव: हरियाणा सरकार ने प्रॉपर्टी मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान में बड़ी राहत दे रही है। नगर निगम गुरुग्राम, नगर परिषद सोहना व पटौदी-जाटौली मंडी तथा नगर पालिका फरुखनगर क्षेत्र के सभी प्रॉपर्टी मालिकों को वित्त वर्ष 2025-26 के प्रॉपर्टी टैक्स पर 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, बशर्ते वे 31 जुलाई 2025 तक अपने संपूर्ण बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान कर दें। इसके साथ ही एनडीसी पोर्टल पर प्रॉपर्टी टैक्स डाटा सेल्फ सर्टिफाई होना भी जरूरी है।

इस बारे में जानकारी देते हुए नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि यह निर्णय नागरिकों को समय पर टैक्स भरने के लिए प्रोत्साहित करने और प्रशासनिक कार्य प्रणाली को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रॉपर्टी मालिक एनडीसी हरियाणा आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी नागरिक सुविधा केंद्रों के माध्यम से टैक्स का भुगतान कर इस छूट का लाभ उठा सकते हैं। यह छूट केवल चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रॉपर्टी टैक्स पर लागू होगी।

कैसे करें डाटा सेल्फ सर्टिफाइड

निगमायुक्त ने बताया कि प्रॉपर्टी डाटा को सेल्फ सर्टिफाई करने के लिए ऑनलाईन पोर्टल https://property.ulbharyana.gov.in पर अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से रजिस्टर व लॉगिंग करें तथा प्रॉपर्टी आईडी से अपने प्रॉपर्टी डाटा को सर्च करके उसका अवलोकन करें। अगर सभी कॉलम में दी गई जानकारी सही है, तो हां पर क्लिक करके सेल्फ सर्टिफिकेशन के लिए सबमिट करें। उन्होंने कहा कि अगर प्रॉपर्टी डाटा में किसी भी प्रकार की त्रुटि है, तो उसमें सुधार के लिए मांगे गए दस्तावेज जैसे प्रॉपर्टी मालिक का आधार कार्ड व प्रॉपर्टी रजिस्ट्री आदि अपलोड करके आपत्ति दर्ज करवाएं।

टैक्स जमा नहीं करने पर हो सकती है कार्रवाई

निगमायुक्त ने कहा कि समय पर प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं करने पर सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 18 प्रतिशत की दर से ब्याज लगाया जाता है तथा डिफॉल्टर प्रॉपर्टीज को सील करके उसे नीलाम करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा टॉप डिफॉल्टरों की सूची तैयार करने के साथ ही उन्हें रिकवरी नोटिस भेजे जा रहे हैं। अगर इसके बावजूद भी प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया जाता है, तो संबंधित प्रॉपर्टी को सील व नीलाम करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

निगमायुक्त ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने प्रॉपर्टी टैक्स डाटा को सेल्फ सर्टिफाई करके समय पर टैक्स का भुगतान करें और इस विशेष छूट योजना का लाभ उठाएं। साथ ही लगने वाले ब्याज व अन्य दंड प्रावधानों से भी बचें।

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