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22 ग्राम पंचायतों में अब घर-घर से उठेगा कूड़ा, ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था होगी मजबूत

Kavita2
11 Aug 2026 11:00 AM IST
22 ग्राम पंचायतों में अब घर-घर से उठेगा कूड़ा, ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था होगी मजबूत
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नूंह। जिले में ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत अब 7500 से अधिक आबादी वाली 22 ग्राम पंचायतों में घर-घर से कूड़ा एकत्रित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाना, खुले में कचरा फेंकने की प्रवृत्ति को कम करना और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था विकसित करना है।

जिला प्रशासन की ओर से चयनित ग्राम पंचायतों में घर-घर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था शुरू किए जाने से ग्रामीणों को अपने घर का कचरा बाहर फेंकने या इधर-उधर डालने की जरूरत नहीं होगी। निर्धारित व्यवस्था के तहत कूड़ा संग्रहण की प्रक्रिया को नियमित किया जाएगा, जिससे गांवों में साफ-सफाई का स्तर बेहतर होने की उम्मीद है।

7500 से अधिक आबादी वाली पंचायतें चुनी गईं

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत पहले चरण में जिले की उन ग्राम पंचायतों को चुना गया है, जिनकी आबादी 7500 से अधिक है। कुल 22 ग्राम पंचायतों में घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने की व्यवस्था लागू की जाएगी।

बड़ी आबादी वाली ग्राम पंचायतों में कचरे की मात्रा भी अपेक्षाकृत अधिक होती है। ऐसे में इन पंचायतों में व्यवस्थित कूड़ा संग्रहण की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। जिला प्रशासन की इस पहल से ग्रामीण इलाकों में कचरा प्रबंधन को एक व्यवस्थित रूप देने की कोशिश की जा रही है।

घर से ही होगा कूड़े का संग्रहण

नई व्यवस्था के तहत ग्रामीणों के घरों से ही कूड़ा एकत्रित किया जाएगा। इससे लोगों को कचरा सड़कों, खाली स्थानों या नालियों के आसपास डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

घर-घर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था नियमित रूप से संचालित होने पर गांवों की गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का जमाव कम किया जा सकेगा। साथ ही गांवों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

प्रशासन का जोर इस बात पर है कि कूड़ा संग्रहण की प्रक्रिया केवल अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि इसे नियमित व्यवस्था के रूप में संचालित किया जाए।

ग्रामीण स्वच्छता को मिलेगा बढ़ावा

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केवल व्यक्तिगत स्तर पर सफाई पर्याप्त नहीं होती। घरों से निकलने वाले कचरे का उचित संग्रहण और निस्तारण भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

गांवों में खुले में कूड़ा फेंके जाने से गंदगी फैलती है और बरसात के समय यही कचरा नालियों और जल निकासी व्यवस्था में रुकावट पैदा कर सकता है। नियमित कूड़ा संग्रहण से इस समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत पहल

जिला प्रशासन की यह पहल स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत की जा रही है। मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति को बेहतर करना और लोगों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है।

घर-घर कूड़ा संग्रहण इस दिशा में महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इससे ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कचरे को व्यवस्थित तरीके से एकत्र करने और उसके निस्तारण की प्रक्रिया को भी मजबूत किया जा सकता है।

ग्रामीणों की भागीदारी जरूरी

स्वच्छता व्यवस्था को सफल बनाने में प्रशासन के साथ ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। घर से कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था होने के बाद ग्रामीणों से अपेक्षा की जाएगी कि वे कचरा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही दें और उसे सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें।

ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से ही घर-घर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित हो सकती है। इसके लिए पंचायत स्तर पर लोगों को जागरूक करने की जरूरत होगी।

गांवों में कम होगी गंदगी

कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था शुरू होने से गांवों के सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर कम होने की उम्मीद है। गलियों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की सफाई बनाए रखने में भी यह व्यवस्था मददगार होगी।

विशेष रूप से बड़ी आबादी वाली पंचायतों में नियमित कूड़ा उठाने की व्यवस्था होने से सफाईकर्मियों और पंचायत प्रशासन के लिए भी कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित करना आसान होगा।

स्वच्छता के साथ स्वास्थ्य पर भी असर

ग्रामीण स्वच्छता का सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य से है। जगह-जगह कचरा जमा होने से गंदगी और दुर्गंध की समस्या पैदा होती है। बारिश के मौसम में यही कचरा जलभराव और गंदे पानी की समस्या को बढ़ा सकता है।

घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था नियमित होने पर ऐसे जोखिमों को कम किया जा सकता है। साफ-सुथरे गांव ग्रामीणों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के साथ स्वच्छता संबंधी आदतों को भी मजबूत करते हैं।

आगे और पंचायतों को जोड़े जाने की उम्मीद

पहले चरण में 7500 से अधिक आबादी वाली 22 ग्राम पंचायतों को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। प्रशासन की ओर से इन पंचायतों में व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

यदि योजना सफल रहती है तो भविष्य में अन्य ग्राम पंचायतों में भी घर-घर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था को विस्तार दिया जा सकता है। इससे जिले की ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को व्यापक स्तर पर मजबूत करने में मदद मिलेगी।

जिला प्रशासन की इस पहल से 22 बड़ी ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन को व्यवस्थित करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। घर-घर कूड़ा संग्रहण शुरू होने के बाद अब इसकी नियमितता, कचरे के उचित निस्तारण और ग्रामीणों की भागीदारी पर योजना की सफलता काफी हद तक निर्भर करेगी।

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