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सरकारी खातों में 160.85 करोड़ का फर्जीवाड़ा, कैंसिल चेक से निकाले 10 करोड़

nidhi
26 Sept 2026 10:39 AM IST
सरकारी खातों में 160.85 करोड़ का फर्जीवाड़ा, कैंसिल चेक से निकाले 10 करोड़
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जाली हस्ताक्षर से सरकारी खजाने में सेंध
पंचकूला: हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के बैंक खातों से करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई की पूरक चार्जशीट से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी के अनुसार फर्जी चेक, कथित जाली हस्ताक्षर, डेबिट नोट और बैंकिंग रिकॉर्ड का इस्तेमाल कर सरकारी धन को दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया। एक हिस्से में करीब 160.85 करोड़ रुपये के 30 कथित फर्जी डेबिट ट्रांजेक्शन का उल्लेख है।
कैंसिल चेक से 10 करोड़ निकालने का आरोप
चार्जशीट में सबसे चौंकाने वाले आरोपों में एक कैंसिल चेक के इस्तेमाल से 10 करोड़ रुपये निकालने का है। सीबीआई की जांच में फर्जी चेक, कथित जाली हस्ताक्षर, गलत बैंकिंग रिकॉर्ड और रकम को अलग-अलग खातों में भेजने से जुड़े दस्तावेज तथा डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। जांच एजेंसी के मुताबिक बड़े लेनदेन से पहले बैंक की निर्धारित प्रक्रिया के तहत हस्ताक्षर, चेक की वैधता और सुरक्षा फीचर की जांच की जानी थी। सीबीआई अब यह जांच रही है कि कथित फर्जी लेनदेन के दौरान इन प्रक्रियाओं का पालन किस स्तर पर नहीं किया गया।
8 करोड़ से 25 करोड़ तक के ट्रांजेक्शन
चार्जशीट में कई बड़े लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 16 अक्टूबर 2025 को 8 करोड़ रुपये, 4 नवंबर को 25 करोड़ रुपये और 15 नवंबर को 2.25 करोड़ रुपये कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ट्रांसफर किए गए। जांच में रकम को आगे अन्य खातों में ट्रांसफर किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। सीबीआई बैंक खातों, दस्तावेजों, ईमेल और डिजिटल कम्युनिकेशन को जांच का हिस्सा बना रही है।
18.46 करोड़ की कथित फर्जी एफडी
मामले में 18.46 करोड़ रुपये की कथित फर्जी एफडी से संबंधित दस्तावेजों का भी जिक्र है। आरोप है कि सरकारी विभाग को ऐसी एफडी का विवरण भेजा गया जो संबंधित बैंक में वास्तव में बनाई ही नहीं गई थी। जांच एजेंसी के अनुसार जनवरी 2026 के एक पत्र में 11 एफडी से संबंधित कथित फर्जी विवरण तैयार कर विभाग को भेजे गए थे। सीबीआई ने बैंक अधिकारियों के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट और ईमेल को भी जांच में डिजिटल साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है।
छह IAS अधिकारियों समेत कई पर आरोप
सीबीआई ने सितंबर की शुरुआत में हरियाणा के सरकारी धन से जुड़े व्यापक कथित घोटाले में 19 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें छह IAS अधिकारी भी शामिल हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी अधिकारियों, बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से सरकारी धन को कथित तौर पर डायवर्ट किया गया और वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ। मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करने, खातों में हेरफेर और भ्रष्टाचार निवारण कानून से संबंधित आरोप शामिल किए गए हैं। ये आरोप अदालत में विचाराधीन हैं और आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते की भी जांच
चार्जशीट के एक अन्य हिस्से में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते से 47 कथित फर्जी डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए 187.26 करोड़ रुपये की निकासी का उल्लेख किया गया है। साथ ही पांच क्रेडिट ट्रांजेक्शन में 17.90 करोड़ रुपये की राशि दर्ज होने की बात कही गई है।
इस पूरे मामले का दायरा 160.85 करोड़ रुपये तक सीमित नहीं है। सीबीआई की व्यापक जांच हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के धन से जुड़े कथित 504 करोड़ रुपये के मामले को लेकर चल रही है। अब जांच एजेंसी दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी धन किन खातों में पहुंचा, कथित फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार हुए और बैंकिंग प्रक्रिया में किस स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ।
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