हरियाणा

हांसी में मोबाइल एक्टिवेशन के नाम पर ठगी एक गिरफ्तार

Ratna Netam
10 Aug 2026 9:05 PM IST
हांसी में मोबाइल एक्टिवेशन के नाम पर ठगी एक गिरफ्तार
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हिसार : हरियाणा के हांसी में मोबाइल नंबर एक्टिवेट कराने के नाम पर एक व्यक्ति से 4 लाख 79 हजार 670 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने मोबाइल नंबर चालू कराने और जमा की गई रकम वापस करने का झांसा देकर पीड़ित से कई बार ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए। जब पीड़ित को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला तो उसने साइबर थाना हांसी में शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच के बाद साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली के रोहिणी निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 10 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, हांसी निवासी मंगल सिंह को कुछ लोगों ने मोबाइल नंबर दिलाने और उसे एक्टिवेट कराने के नाम पर संपर्क किया था। बातचीत के दौरान आरोपियों ने मंगल सिंह को भरोसे में लिया और बताया कि मोबाइल नंबर को चालू कराने के लिए कुछ जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए अलग-अलग मदों के नाम पर उनसे रकम जमा कराने को कहा गया। आरोपियों ने पीड़ित को यह विश्वास दिलाया कि यदि वह उनके द्वारा बताई गई रकम जमा कर देंगे तो उनका मोबाइल नंबर जल्द ही एक्टिवेट कर दिया जाएगा।
आरोपियों ने मंगल सिंह को यह भी बताया कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके द्वारा जमा की गई रकम वापस कर दी जाएगी। इस तरह रिफंड का भरोसा दिलाकर आरोपियों ने पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों की बातों पर विश्वास करते हुए मंगल सिंह ने उनके बताए तरीके से कई बार ऑनलाइन भुगतान किया। धीरे-धीरे करके आरोपियों ने उनसे कुल 4 लाख 79 हजार 670 रुपये की रकम ट्रांसफर करवा ली।
काफी रकम जमा करने के बाद भी जब मोबाइल नंबर एक्टिवेट नहीं हुआ और आरोपियों की ओर से लगातार नए बहाने बनाए जाने लगे, तब मंगल सिंह को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जांच की तो उन्हें अपने साथ साइबर धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ। पीड़ित ने मामले की जानकारी साइबर थाना पुलिस को दी और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।
साइबर थाना हांसी की टीम ने शिकायत के आधार पर मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। पुलिस ने ऑनलाइन लेनदेन, आरोपियों से संपर्क और अन्य उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण सुराग मिले। तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपी की पहचान और उसके ठिकाने का पता लगाया।
इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली के रोहिणी इलाके में रहने वाले साहिल बजाज को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 10 हजार रुपये की नकदी बरामद की है। आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस साइबर ठगी की वारदात में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे और ठगी की रकम को किन खातों या माध्यमों के जरिए आगे ट्रांसफर किया गया।
पुलिस को आशंका है कि मोबाइल नंबर एक्टिवेट कराने के नाम पर की गई यह ठगी किसी बड़े साइबर नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। ऐसे मामलों में ठग अक्सर लोगों को मोबाइल सिम, नंबर एक्टिवेशन, केवाईसी अपडेट, बैंकिंग सेवाओं या अन्य जरूरी प्रक्रिया के नाम पर संपर्क करते हैं और उनसे अलग-अलग शुल्क जमा कराने के लिए कहते हैं। भरोसा जीतने के बाद पीड़ित से कई बार भुगतान करवाया जाता है।
हांसी साइबर थाना पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इससे पहले कितने लोगों को इसी तरह अपना निशाना बनाया है। इसके अलावा ठगी की रकम की बरामदगी और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य बैंक खातों तथा डिजिटल लेनदेन की भी जांच की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल नंबर एक्टिवेट कराने, केवाईसी अपडेट करने या किसी सेवा के नाम पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए। यदि कोई व्यक्ति रकम जमा करने के बाद उसे वापस करने का भरोसा देकर भुगतान करवाता है, तो ऐसे मामले में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। किसी भी संदिग्ध लेनदेन या साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल पुलिस अथवा संबंधित साइबर अपराध तंत्र को सूचना देनी चाहिए।
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