
चरखी दादरी। सीआईए स्टाफ ने गांव मानकावास के पास युवक पर रंजिश के चलते किए गए जानलेवा हमले के मामले में कार्रवाई करते हुए चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गांव भागवी निवासी दीपक उर्फ चीता के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद किया है। पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गांव मानकावास निवासी सचिन पर एक दिसंबर 2025 की शाम जानलेवा हमला किया गया था। सचिन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि घटना वाले दिन शाम करीब साढ़े छह बजे वह अपने घर से स्टेडियम जाने के लिए निकला था।
शिकायत के मुताबिक सचिन जब गांव के जलघर के पास पहुंचा, तभी एक कार में सवार होकर आए छह से सात युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने पुरानी रंजिश को लेकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए हमले के कारण सचिन को संभलने का मौका नहीं मिला।
आरोपियों ने कथित तौर पर लाठी-डंडों से उस पर हमला किया। मारपीट में सचिन को गंभीर चोटें आईं। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद घायल को उपचार के लिए ले जाया गया और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया कि हमला आपसी रंजिश के कारण किया गया था। पुलिस ने घटना में शामिल आरोपियों की पहचान करने के साथ उनकी तलाश शुरू की।
मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद सीआईए स्टाफ को भी कार्रवाई में लगाया गया। पुलिस टीम लगातार आरोपियों के संभावित ठिकानों और उनसे जुड़ी जानकारी जुटा रही थी। इसी दौरान पुलिस को भागवी गांव निवासी दीपक उर्फ चीता के बारे में जानकारी मिली।
सूचना और जांच के आधार पर पुलिस टीम ने दीपक उर्फ चीता को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से वारदात के संबंध में पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और आरोपी की निशानदेही के आधार पर घटना में इस्तेमाल किया गया एक डंडा बरामद किया गया है।
पुलिस ने बताया कि दीपक इस मामले में गिरफ्तार किया गया चौथा आरोपी है। इससे पहले भी पुलिस वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में शामिल अन्य लोगों के संबंध में भी जांच जारी है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के दौरान कौन-कौन आरोपी मौके पर मौजूद थे और हमले में किसकी क्या भूमिका थी। शिकायत में छह से सात युवकों के शामिल होने की बात कही गई थी। ऐसे में पुलिस बाकी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस घटना के पीछे की रंजिश के कारणों की भी पड़ताल कर रही है। पीड़ित के बयान और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमले की योजना पहले से बनाई गई थी या आरोपियों ने रास्ते में सचिन को देखकर वारदात को अंजाम दिया।
एक दिसंबर 2025 की शाम हुई इस घटना में आरोपियों के कार से आने की बात शिकायत में सामने आई थी। सचिन घर से स्टेडियम जा रहा था और जलघर के पास पहुंचने पर उसका रास्ता रोक लिया गया था। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था।
सीआईए स्टाफ ने मामले में फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच जारी रखी। इसी क्रम में दीपक उर्फ चीता को पकड़ा गया। आरोपी की निशानदेही पर डंडा बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे मामले में साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया है।
पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने दीपक को अदालत के सामने पेश किया। अदालत के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल चौथे आरोपी दीपक उर्फ चीता की गिरफ्तारी और वारदात में इस्तेमाल डंडे की बरामदगी के बाद जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। शेष आरोपियों की तलाश भी जारी है।





