हरियाणा

नकली ब्लड प्रेशर दवाओं पर FDA का शिकंजा, पांच आरोपी अरेस्ट

nidhi
2 Oct 2026 11:15 AM IST
नकली ब्लड प्रेशर दवाओं पर FDA का शिकंजा, पांच आरोपी अरेस्ट
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FDA की बड़ी कार्रवाई

गुरुग्राम: हाई ब्लड प्रेशर की नकली दवा टेल्मा-एएम के निर्माण और बिक्री से जुड़े मामले में गुरुग्राम FDA की जांच अब कथित निर्माण नेटवर्क तक पहुंच गई है। मामले में उत्तराखंड के काशीपुर स्थित ऑशी इम्यूनोसाइंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मनीष सिंह राठौर को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या पांच हो गई है।

FDA अधिकारियों के अनुसार मनीष सिंह राठौर की कंपनी मूल रूप से फूड और सप्लीमेंट उत्पादों के निर्माण से जुड़ी थी, लेकिन आरोप है कि यहां बिना वैध अनुमति के टेल्मा-एएम टैबलेट तैयार की जा रही थीं। आरोपी को काशीपुर से हिरासत में लेने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की शुरुआत गुरुग्राम में संदिग्ध टेल्मा-एएम टैबलेट मिलने के बाद हुई थी। जांच में दवा की पैकेजिंग पर एक नामी फार्मा कंपनी का नाम और बैच नंबर दर्ज मिला। संबंधित कंपनी से पुष्टि करने पर पता चला कि कथित बैच उसकी ओर से तैयार ही नहीं किया गया था। इसके बाद FDA ने दवा की पूरी सप्लाई चेन खंगालनी शुरू की।
जांच के दौरान नकली दवा की सप्लाई दिल्ली के एक बिना लाइसेंस वाले प्रतिष्ठान तक पहुंची। जुलाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो उत्तराखंड में निर्माण से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई। सितंबर में विपिन कुमार और प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया गया। अब कंपनी निदेशक की गिरफ्तारी के बाद FDA मामले की पूरी निर्माण और वितरण व्यवस्था की जांच कर रहा है। FDA की जांच में यह भी सामने आया कि नकली टैबलेट तैयार करने में सामान्य खाद्य स्टार्च के इस्तेमाल का आरोप है। प्रदीप कुमार नामक आरोपी पहले एक दवा कंपनी में काम कर चुका था और उसे दवा निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी अब पैकेजिंग सामग्री, कच्चे माल और तैयार दवाओं की सप्लाई से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।
इस मामले में पहले नकली दवा की 178 स्ट्रिप बरामद की गई थीं। जांच में 1,700 स्ट्रिप खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई थी। FDA यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि इनमें से कितनी नकली दवाएं बाजार तक पहुंचीं और किन-किन राज्यों में इनकी सप्लाई की गई।
हरियाणा FDA ने पिछले कुछ महीनों में नकली और मिलावटी दवाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। जुलाई 2026 तक राज्य में ऐसे मामलों में 16 गिरफ्तारियां दर्ज की गई थीं, जिनमें 12 गिरफ्तारियां अकेले गुरुग्राम FDA की ओर से की गई थीं। विभाग कई अंतरराज्यीय नकली दवा नेटवर्क का भी खुलासा कर चुका है। फिलहाल टेल्मा-एएम मामले में FDA की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि नकली दवा के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है। आगे और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
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