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Rewari जापान एशियाई खेलों में झज्जर की सुरुचि के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर रेवाडी निवासी कमलजीत ने प्रदेश व देश का नाम रोशन किया। कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने 484.6 अंकों के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। दक्षिण कोरिया ने रजत पदक जीता, जबकि ईरान को कांस्य पदक मिला।
कमलजीत का गांव, रेवाडी जिले का सुलखा, उनकी उपलब्धि पर खुशी से झूम उठा। उनकी सफलता का जश्न मनाने के लिए उनके परिवार के सदस्यों ने लड्डू बांटे और ढोल की थाप पर नृत्य किया। उनके परिवार को बधाई देने के लिए दिन भर गांव में दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों का तांता लगा रहा।
"यह हमारे लिए एक बड़ा दिन है। कमलजीत ने समर्पण और ईमानदारी के साथ कड़ी मेहनत की है। उनके निरंतर प्रयासों से सुनहरे परिणाम मिले हैं। उन्होंने अपने राज्य और देश को गौरवान्वित किया है," उनके पिता रति राम, एक छोटे किसान ने कहा। कमलजीत और सुरुचि को बधाई देते हुए, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पूरे राज्य को उनकी उपलब्धि पर गर्व है। कमलजीत शुरू में एक एथलीट बनना चाहते थे, लेकिन 2019 में गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें यह सपना छोड़ना पड़ा, जब वह सिर्फ 15 साल के थे।
उन्होंने उसी वर्ष शूटिंग शुरू की और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अपनी पहचान बनाई। उनके पहले कोच राकेश सिंह ने उनके शूटिंग करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में सेना में शामिल होने के बाद उन्होंने वहां प्रशिक्षकों के अधीन प्रशिक्षण भी लिया। उनके पिता ने कहा, "निशानेबाजी एक महंगा खेल है, लेकिन हमने कमलजीत का उतना समर्थन किया जितना हम कर सकते थे क्योंकि वह इसके प्रति बहुत जुनूनी था। आखिरकार, उसने अपनी योग्यता साबित कर दी और हमें उस पर गर्व महसूस होता है।" एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतने से चूकने के बाद कमलजीत और उनका परिवार निराश था, लेकिन मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जैसा कि वे कहते हैं, अंत भला तो सब भला।
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