
कैथल: धान की खरीद और उठान में देरी तथा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिलने के आरोपों को लेकर शनिवार को कैथल में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के नेतृत्व में किसानों ने भाजपा कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के पुतले फूंके और बारिश से खराब हुई धान की फसल का मुआवजा देने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के लिए किसान सुबह से ही भाजपा कार्यालय के बाहर पहुंचने शुरू हो गए थे। दोपहर तक किसानों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शन की अगुवाई भाकियू टिकैत ग्रुप के हरियाणा प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोंवाली ने की। इस दौरान जीया लाल, जसबीर सिंह और गुरनाम सिंह सहित अन्य किसान भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। थाने की पुलिस के अलावा सीआईए और एसडीयू की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं। प्रदर्शनकारियों की तुलना में पुलिस बल की संख्या काफी अधिक नजर आई।
एमएसपी नहीं मिलने और उठान में देरी से नाराजगी
किसान नेताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर में शनिवार को प्रदर्शन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडियों में किसानों की धान की फसल कम दामों पर खरीदी जा रही है और उन्हें एमएसपी का पूरा लाभ नहीं मिल रहा। इसके साथ ही खरीद के बाद फसल का समय पर उठान नहीं होने से मंडियों में अव्यवस्था बनी हुई है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है।
किसान नेताओं ने कहा कि इस बार किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा, वहीं दूसरी तरफ मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखी उपज भी भीग गई। उनके अनुसार, हाल ही में हुई बारिश के कारण लाखों मीट्रिक टन धान प्रभावित हुआ, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।





