
फरीदाबाद: विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ आज भी देशवासियों, देशप्रेमियों और देशभक्तों की भावनाओं को प्रेरित और प्रबल बनाने वाला गीत है, जो भारत की एकता और गौरव का प्रतीक है। वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन अटल ऑडिटोरियम बल्लभगढ़ में किया गया। जिसमें बल्लभगढ़ विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज देशभर में भव्य समारोहों का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व किया। राज्य स्तर पर मुख्य समारोह हरियाणा में आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया। दोनों कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण ऑनलाइन माध्यम से देश के सभी जिलों में किया गया, जिससे लाखों नागरिक इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।
जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और भारत माता की तस्वीर पर पुष्प अर्जित करके किया गया। कार्यक्रम में वंदे मातरम गीत के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसमें उनके जीवन के जुड़े प्रसंगों का उल्लेख किया गया है। कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं द्वारा देश भक्ति के गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति गई। वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा ने राष्ट्रगीत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 1870 के दशक में हमारे राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की रचना की गई थी, जो देशवासियों के हृदय में देशप्रेम, त्याग और एकता की भावना को सशक्त बनाता है। विधायक श्री शर्मा ने बताया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात वर्ष 1950 में आयोजित संविधान सभा के अधिवेशन में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगीत के रूप में औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई, और तब से यह गीत हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना हुआ है।
इस अवसर पर उपायुक्त विक्रम सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान, भाजपा बल्लभगढ़ जिला अध्यक्ष सोहन पाल छोकर, जिला परिषद् से चेयरमैन विजय लोहिया, मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक मुकेश वशिष्ठ, एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, सीटीएम अंकित कुमार सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारीगण और कई गणमान्य व्यक्तिगण मौजूद रहे।





