हरियाणा

Faridabad: मॉक ड्रिल में दिखी प्रशासन और एजेंसियों की मुस्तैदी

Admindelhi1
15 May 2026 10:16 AM IST
Faridabad: मॉक ड्रिल में दिखी प्रशासन और एजेंसियों की मुस्तैदी
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फरीदाबाद: जिला प्रशासन द्वारा गुरुवार को बाढ़ संभावित शहरी क्षेत्र ओल्ड अंडरपास में जिला स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित बाढ़ अथवा जलभराव जैसी आपात परिस्थितियों में विभिन्न विभागों एवं राहत एजेंसियों की तत्परता, समन्वय क्षमता तथा बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन करना था, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। मॉक ड्रिल का शुभारंभ सुबह साइरन बजने के साथ किया गया। इसके बाद सेक्टर-12 स्थित खेल परिसर से विभिन्न रेस्क्यू एवं राहत टीमें अपने-अपने निर्धारित स्थलों के लिए रवाना हुईं।

इस दौरान एसडीआरएफ, एम्बुलेंस सेवा, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस, रेडक्रॉस, नेवी एनसीसी बॉयज एवं गल्र्स कैडेट सहित अन्य संबंधित विभागों एवं एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। मॉक अभ्यास के दौरान राहत एवं बचाव दलों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा आवश्यक संसाधनों की त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करने का अभ्यास किया। अभ्यास के दौरान यह दर्शाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में किस प्रकार विभिन्न विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सीमित समय में राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम दे सकते हैं। रेस्क्यू टीमों ने नावों, रस्सियों तथा अन्य आधुनिक उपकरणों की सहायता से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। जिला स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल में विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के कई अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। मॉक अभ्यास में 100 पुलिस कर्मी, गुरुग्राम के भौंडसी स्थित एसडीआरएफ यूनिट के 40 जवान, 25 होम गार्ड, 10 सिविल डिफेंस कर्मी, 10 आपदा मित्र, 30 रेडक्रॉस स्वयंसेवक, 10 स्वास्थ्य कर्मी तथा 50 एनसीसी कैडेट्स (लडक़े एवं लड़कियां) शामिल रहे।

इसके अतिरिक्त 2 फायर ब्रिगेड वाहन, 3 एम्बुलेंस, डीएचबीवीएन के 5 अधिकारी/कर्मचारी, डीएफएससी विभाग के 5 प्रतिनिधि, हरियाणा रोडवेज की 4 बसे, सिंचाई विभाग के 5 अधिकारी, एमसीएफ के 10 कर्मचारी, डीआईपीआरओ विभाग के 6 सदस्य तथा एनआईसी टीम के 10 सदस्यों ने भी मॉक ड्रिल में भाग लेते हुए आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों की तैयारियों का प्रदर्शन किया। डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक वर्ष इस प्रकार की मॉक ड्रिल एवं आपदा प्रबंधन अभ्यास आयोजित किए जाते हैं, ताकि किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों की तैयारियों का समय-समय पर आकलन किया जा सके।

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