Faridabad: रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं की बाटा चौक के नीचे मार्केट बनाने की मांग

फरीदाबाद: बाटा चौक के रेहड़ी पटरी दुकानदारों ने मंगलवार को एनआईटी-5 स्थित मुख्यालय में निगमायुक्त धीरेंद्र खड़गटा से मुलाकात कर मार्केट को स्ट्रीट वेंडिंग जोन घोषित करने की मांग रखी। इस दौरान उन्होंने नीलम पुल की तर्ज पर बाटा चौक के नीचे मार्केट बनाकर दुकानें इन्हीं रेहड़ी-पटरी वालों को अलॉट करने की मांग भी की। बाटा चौक के किनारे रेहड़ी-पटरी लगाने वाले दुकानदारों का कहना है कि वह लगभग वर्ष 1980 से (45 वर्षों) से बाटा चौक पर रेहड़ी पटरी की दुकानें लगाकर अपने परिवारों का भरण पोषण कर रहे हैं। नगर निगम की ओर से पहले तह-बजारी की राशि लेकर रसीद बनाई जाती थी। रेहड़ी-पटरी दुकानदारों का दावा है कि वर्ष 1999 में पुल का निर्माण होने के बाद निगम के अधिकारियों ने पुल के नीचे दुकान लगाने के मौखिक आदेश दिए थे। कुछ दुकानों पर बिजली के मीटर भी लगे हुए हैं।
रेहड़ी-पटरी दुकानदारों का कहना है कि 12 मई को निगम कर्मचारियों ने दुकानें हटाने का निर्देश दिया है। दुकानें न हटाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में स्ट्रीट वेंडिंग पॉलिसी एक्ट के तहत सभी दुकानों का वेंडिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी बना हुआ है। व्यवसाय करने के लिए दुकानदारों को 10 हजार रुपये का लोन भी मिला है। उनकी लंबे समय से मांग है कि नीलम पुल की तर्ज पर दुकानें बनाकर अलॉट की जाए। ऐसे में लंबे समय से रेहड़ी पटरी लगाने वालों का कार्य न छिन जाए। इस दौरान दीनदयाल गौतम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।





