
Haryana हरियाणा: फरीदाबाद की नीमका जेल में एक कैदी ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली, जिससे जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मृतक की पहचान रंकित भडाना के रूप में हुई है, जो गाजीपुर का रहने वाला था और जिस पर अलग-अलग जगहों पर 16 मामले दर्ज थे। रंकित भडाना पिछले 11 महीने से नीमका जेल में बंद था।
जेल प्रशासन के अनुसार, रंकित पिछले तीन दिनों से बीमार था। रविवार देर रात उसने अपनी बैरक से बाहर निकलकर जेल के टॉयलेट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया और मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान अस्पताल भेज दिया।
रंकित के परिवार ने इस घटना को लेकर जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या की घटना हो सकती है। उन्होंने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की देखभाल पर सवाल उठाए हैं। परिवार ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
जेल प्रशासन का कहना है कि मृतक की मौत स्वेच्छा से हुई आत्महत्या है और उन्होंने सभी सुरक्षा और चिकित्सकीय उपाय किए थे। जेल अधिकारियों ने बताया कि रंकित भडाना को नियमित रूप से मेडिकल देखभाल मुहैया कराई जा रही थी और जेल में पर्याप्त निगरानी भी थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आत्महत्या की घटना अप्रत्याशित थी और मामले की गहन जांच की जा रही है।
स्थानीय पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का खुलासा किया जा सकेगा। पुलिस परिवार और जेल प्रशासन दोनों से बारीक जानकारी इकट्ठा कर रही है।
इस घटना ने जेल सुरक्षा और कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जेलों में कैदियों की मानसिक स्थिति पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
रंकित भडाना के परिवार और रिश्तेदारों का कहना है कि जेल प्रशासन की लापरवाही और निगरानी की कमी के कारण यह घटना हुई है। परिवार ने उच्च अधिकारियों और मानवाधिकार संगठनों से मामले में संज्ञान लेने की अपील की है।
इस घटना के बाद नीमका जेल की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों के स्वास्थ्य पर भी समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या जैसी घटनाओं से निपटने के लिए बेहतर निगरानी, चिकित्सकीय देखभाल और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को बढ़ाया जाएगा।
रंकित भडाना की मौत की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट रूप से यह कहा जा सकेगा कि यह आत्महत्या थी या हत्या। इस बीच परिवार और समाज में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और चिंता बनी हुई है।





