
Faridabad फरीदाबाद : हरियाणा सरकार ने शनिवार, 30 मई को फरीदाबाद जिले के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट, बल्क SMS सेवा और डोंगल-आधारित डेटा सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश जारी किया है। यह कदम कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और संभावित अशांति को रोकने के उद्देश्य से एहतियातन उठाया गया है।
जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध फरीदाबाद के NIT जोन के एक किलोमीटर के दायरे में लागू किया गया है। यह पाबंदी सुबह 12:30 बजे से रात 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान संबंधित क्षेत्र में इंटरनेट आधारित सेवाओं पर रोक रहेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय विशेष परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक जानकारी या भड़काऊ सामग्री के प्रसार को रोका जा सके। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी सूचनाएं कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं और किसी भी संभावित तोड़फोड़ या अशांति को बढ़ावा दे सकती हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह कदम पूरी तरह से सुरक्षा कारणों से लिया गया है और इसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखना है। संबंधित क्षेत्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
The Haryana Government has ordered the temporary suspension of mobile internet services, bulk SMS services, and all dongle services in a designated area of Faridabad district to maintain public peace and law and order during a demolition drive scheduled for May 30. pic.twitter.com/nwDgZ01XJl
— ANI (@ANI) May 30, 2026
आदेश में यह भी कहा गया है कि इंटरनेट और मैसेजिंग सेवाओं के माध्यम से तेजी से फैलने वाली सूचनाएं कई बार स्थिति को बिगाड़ सकती हैं, इसलिए अस्थायी रोक आवश्यक मानी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
फरीदाबाद प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि स्थिति की समीक्षा लगातार की जाएगी और हालात सामान्य होते ही प्रतिबंधों को हटाने पर विचार किया जाएगा।
फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
यह निर्णय स्थानीय प्रशासन की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें संवेदनशील समय और परिस्थितियों में डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग को रोककर शांति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जाता है।





