हरियाणा

Faridabad अरावली पुनर्जीवन के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण

Kiran
28 July 2026 10:32 AM IST
Faridabad अरावली पुनर्जीवन के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण
x

Faridabad फरीदाबाद अरावली पुनर्जीवन के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण, हरित क्षेत्र बचाने की कवायद तेज

फरीदाबाद में तेजी से सिमट रहे अरावली क्षेत्र को फिर से हरा-भरा बनाने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान की तैयारी की जा रही है। पर्यावरण विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन का मानना है कि अरावली पर्वतमाला केवल पेड़ों का समूह नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन, भूजल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बढ़ते शहरीकरण, निर्माण गतिविधियों और जमीन के बदलते उपयोग के कारण अरावली के कई हिस्सों में हरियाली कम हुई है, जिससे पर्यावरणीय चुनौतियां बढ़ रही हैं। फरीदाबाद और इसके आसपास के अरावली क्षेत्र में लंबे समय से वन क्षेत्र के घटने को लेकर चिंता जताई जाती रही है। कभी घने जंगलों और प्राकृतिक वनस्पतियों से भरे रहने वाले कई इलाकों में अब खाली जमीन, अवैध निर्माण और मानवीय गतिविधियों का दबाव बढ़ गया है। इसके कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर भी असर पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अरावली का संरक्षण केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों की देखभाल और प्राकृतिक पारिस्थितिकी को बनाए रखना भी जरूरी है।

पौधरोपण अभियान के तहत स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल देशी प्रजातियों के पौधे लगाने पर जोर दिया जा रहा है। इनमें ऐसे पेड़-पौधे शामिल होंगे जो कम पानी में भी जीवित रह सकें और क्षेत्र की जैव विविधता को बढ़ावा दे सकें। अधिकारियों का कहना है कि अरावली क्षेत्र में पौधरोपण के साथ-साथ जल संरक्षण, मिट्टी संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी काम किया जाएगा। पर्यावरणविदों के अनुसार, अरावली क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। यह धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने, तापमान संतुलित रखने और बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने में मदद करता है। अगर इस क्षेत्र में हरियाली बढ़ती है तो इसका सकारात्मक प्रभाव फरीदाबाद सहित पूरे एनसीआर क्षेत्र के पर्यावरण पर देखने को मिल सकता है।

हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि केवल पौधे लगाने से अरावली को पूरी तरह पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता। इसके लिए लंबे समय तक निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक और प्राकृतिक वनस्पतियों को बढ़ावा देना जरूरी होगा। लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल, पानी की व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करना अभियान की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा। फरीदाबाद में अरावली पुनर्जीवन की यह पहल शहर के पर्यावरण भविष्य के लिए अहम मानी जा रही है। बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र के बीच यह अभियान लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी काम करेगा। यदि प्रशासन, विशेषज्ञों और आम नागरिकों का सहयोग मिलता है तो अरावली के कई हिस्सों में फिर से हरियाली लौटाई जा सकती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर प्राकृतिक वातावरण तैयार किया जा सकता है।

Next Story