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Faridabad: लाखों की साइबर ठगी का खुलासा, टेलीग्राम टास्क के नाम पर फंसाते थे लोग

Admindelhi1
11 Aug 2026 6:01 PM IST
Faridabad: लाखों की साइबर ठगी का खुलासा, टेलीग्राम टास्क के नाम पर फंसाते थे लोग
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टेलीग्राम पर टास्क देकर लाखों ठगे, छह आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े

फरीदाबाद: पार्ट-टाइम नौकरी और ऑनलाइन कमाई का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ के छह आरोपियों को मंगलवार साइबर थाना सेंट्रल टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान पृथ्वी (24), ओम सोनी (25), अंशुमन सैनी (21), कृष्णा पाण्डेय (22), विनय सिंह (20) और आशु (20) सभी निवासी ग्वालियर, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पृथ्वी के बैंक खाते में ठगी की रकम की पहली लेयर के रूप में 50 हजार रुपये पहुंचे थे। पुलिस प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि सेक्टर-77 निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके व्हाट्सऐप पर एक अंजान नंबर से लिंक भेजा गया था। लिंक के माध्यम से उसे पार्ट-टाइम काम करने का झांसा दिया गया। पीडि़त को बताया गया कि वह गूगल मैप्स पर विभिन्न स्थानों की रेटिंग और कमेंट करके घर बैठे कमाई कर सकता है।

ऑनलाइन काम और कमाई के लालच में पीडि़त ने लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। टेलीग्राम ग्रुप में साइबर ठगों ने उसे प्री-पेड टास्क पूरा करने के नाम पर अलग-अलग रकम जमा करने के लिए कहा। शुरुआत में छोटे टास्क और निवेश के जरिए विश्वास जीतने का प्रयास किया गया। इसके बाद अधिक लाभ का लालच देकर पीडि़त से अलग-अलग ट्रांजेक्शन करवाए गए। पीडि़त ने आरोपियों के बताए बैंक खातों में विभिन्न ट्रांजेक्शन के माध्यम से जून व जुलाई 2025 में कुल 9 लाख 34 हजार रुपये निवेश कर दिए। रकम जमा कराने के बाद जब पीडि़त ने अपना पैसा वापस लेने का प्रयास किया तो उसे कोई रकम वापस नहीं मिली। इसके बाद उसे अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला। जिसकी शिकायत पर साइबर थाना सेंट्रल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान बैंक खाता को चैन के माध्यम से आगे ठगो के पास भेजा गया है।

आरोपी पृथ्वी खाताधारक है। उसने अपना बैंक खाता ओम सोनी को उपलब्ध कराया था। इसके बाद ओम सोनी ने यह खाता अंशुमन सैनी को दिया। अंशुमन ने इसे कृष्णा पाण्डेय को उपलब्ध कराया। कृष्णा पाण्डेय ने आगे विनय सिंह को और विनय सिंह ने आशु को बैंक खाता उपलब्ध कराया। इसके बाद आशु ने बैंक खाते को आगे साइबर ठगों को उपलब्ध कराया। आरोपी पृथ्वी के बैंक खाते में ठगी की रकम की पहली लेयर के रूप में 50 हजार रुपये आए थे। इसके बाद रकम को आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया। सभी छह आरोपी 12वीं पास हैं और ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे हैं। जिन्होंने कथित तौर पर बैंक खाता को साइबर ठगों तक पहुंचाने का काम किया। उनके कब्जा से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइल फोन की जांच की जा रही है।

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