
फरीदाबाद : सेक्टर-65 क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। आशियाना फ्लैट के पास बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से 9 साल के एक बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में भी प्रशासन की लापरवाही को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है।
पुलिस के अनुसार, मृतक बच्चा शुक्रवार सुबह रोज की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। वह स्कूल पहुंचा भी, लेकिन कुछ समय बाद वह किसी कारणवश स्कूल परिसर से बाहर निकल गया। इसके बाद वह बारिश के पानी से भरे गड्ढे के पास पहुंचा, जहां यह हादसा हो गया।
स्कूल पहुंचने के बाद बाहर आया बच्चा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बच्चा सुबह स्कूल के लिए निकला था और स्कूल में उसकी उपस्थिति भी दर्ज हुई थी। हालांकि, वह पूरे समय स्कूल में नहीं रहा और बीच में ही बाहर आ गया।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि स्कूल से निकलने के बाद बच्चा आशियाना फ्लैट के आसपास पहुंचा, जहां बारिश के कारण पानी जमा था। इसी दौरान वह पानी से भरे गड्ढे में गिर गया और डूब गया।
पानी से भरे गड्ढे में डूबने से हुई मौत
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले दिनों हुई बारिश के कारण इलाके में कई जगह पानी भर गया था। आशियाना फ्लैट के पास भी एक गड्ढे में काफी मात्रा में पानी जमा था। गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण बच्चा उसमें चला गया और बाहर नहीं निकल सका।
घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सूचना मिलने के बाद सेक्टर-65 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चा स्कूल से किस परिस्थिति में बाहर निकला और हादसा किस तरह हुआ।
परिजनों में मचा कोहराम
बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि बच्चा रोज की तरह स्कूल से वापस लौटेगा, लेकिन अचानक मिली इस दुखद सूचना ने परिवार को तोड़कर रख दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चे की मौत से पूरे क्षेत्र में दुख का माहौल है। पड़ोसी और आसपास रहने वाले लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने बारिश के दौरान खुले गड्ढों और जलभराव को लेकर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए ताकि बच्चों और आम लोगों को खतरा न हो।
लोगों ने मांग की है कि प्रशासन ऐसे गड्ढों की पहचान कर उन्हें भरवाए या उनके आसपास बैरिकेडिंग की व्यवस्था करे, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
बारिश के मौसम में बढ़ जाते हैं हादसे
बारिश के मौसम में शहरों में खुले गड्ढे, जलभराव और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की कमी अक्सर हादसों का कारण बनती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पानी भर जाने के बाद गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे खासकर बच्चों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन की ओर से आमतौर पर लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जाती है, लेकिन कई बार सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अधिकारियों ने कहा है कि हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। पुलिस स्कूल प्रबंधन, स्थानीय लोगों और परिजनों से भी जानकारी जुटा रही है।
यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि मानसून के दौरान खुले गड्ढों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है। स्थानीय लोग अब प्रशासन से ऐसे खतरनाक स्थानों को चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि किसी और परिवार को इस तरह के दर्द से न गुजरना पड़े।





