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फर्जी नंबर प्लेट और सरकारी पहचान का रौब, पिता-पुत्र पर केस; दोनों कारें बरामद

Kavita2
5 Oct 2026 12:55 PM IST
फर्जी नंबर प्लेट और सरकारी पहचान का रौब, पिता-पुत्र पर केस; दोनों कारें बरामद
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पानीपत। हथवाला रोड पर यातायात जांच के दौरान पुलिस ने दो वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाने और सरकारी अधिकारी होने का रौब दिखाने के आरोप में पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों कारों पर सरकारी पहचान दर्शाने वाले शब्द लिखे गए थे। इसके अलावा वाहनों में सायरन भी लगाए गए थे। जांच के दौरान पुलिस ने मौके से दोनों कारों को बरामद कर लिया।

आरोपितों की पहचान कृष्णा कॉलोनी निवासी राहुल और उसके पिता राजबीर के रूप में हुई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट और सरकारी पहचान से जुड़े शब्द किस उद्देश्य से लगाए गए थे और इनका इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था।

यातायात जांच के दौरान खुला मामला

पुलिस की ओर से हथवाला रोड पर यातायात जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस की नजर उन दो कारों पर गई, जिन पर नंबर प्लेट और सरकारी पहचान से जुड़े शब्द दिखाई दिए। जांच के दौरान पुलिस को वाहनों के संबंध में संदेह हुआ।

पुलिस ने दोनों वाहनों को रुकवाकर उनकी जांच की। जांच में नंबर प्लेट को लेकर गड़बड़ी सामने आने पर वाहनों की विस्तृत पड़ताल की गई। इसके साथ ही दोनों कारों में सायरन भी लगे मिले।

प्रारंभिक जानकारी के आधार पर पुलिस ने इसे सरकारी अधिकारी होने का रौब दिखाने और वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट इस्तेमाल करने से जुड़ा मामला माना। इसके बाद दोनों कारों को मौके से बरामद कर लिया गया।

सरकारी पहचान दर्शाने वाले शब्द लगाए

पुलिस के अनुसार, दोनों वाहनों पर ऐसे शब्द लगाए गए थे, जिनसे सरकारी पहचान होने का संकेत मिलता था। इस तरह की पहचान का इस्तेमाल आमतौर पर सरकारी वाहनों या अधिकारियों से जुड़े वाहनों में देखा जाता है।

पुलिस को संदेह है कि इन शब्दों और सायरन के जरिए सड़क पर वाहन को सरकारी वाहन जैसा दिखाने की कोशिश की गई। हालांकि, आरोपितों ने वाहनों पर यह पहचान किस उद्देश्य से लगाई थी, इसका स्पष्ट कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।

फर्जी नंबर प्लेट और सरकारी पहचान का इस्तेमाल यातायात जांच के दौरान पुलिस के लिए गंभीर मामला बन गया, जिसके बाद दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया।

पिता-पुत्र के खिलाफ दर्ज हुआ केस

इस मामले में पुलिस ने कृष्णा कॉलोनी निवासी राहुल और उसके पिता राजबीर के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस दोनों आरोपितों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वाहनों में इस्तेमाल की गई नंबर प्लेट कहां से तैयार कराई गई थीं।

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि कारों पर सरकारी पहचान दर्शाने वाले शब्द किसने लगाए और सायरन लगाने का उद्देश्य क्या था। मामले में वाहनों के दस्तावेजों और नंबर प्लेट से संबंधित जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है।

दोनों कारें पुलिस ने की बरामद

पुलिस ने मौके से दोनों कारों को अपने कब्जे में ले लिया। दोनों वाहनों में सायरन लगे होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब इन कारों के वास्तविक पंजीकरण और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किए जाने की स्थिति में यह पता लगाना जरूरी होगा कि वाहनों की वास्तविक पहचान क्या है और उन पर लगाए गए नंबर किसके नाम से दर्ज हैं। इसके लिए पुलिस संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेगी।

सरकारी अधिकारी होने का रौब दिखाने का आरोप

मामले में सबसे अहम आरोप यह है कि दोनों वाहनों का इस्तेमाल सरकारी अधिकारी जैसा रौब दिखाने के लिए किया जा रहा था। वाहनों पर सरकारी पहचान से जुड़े शब्द और सायरन लगाए जाने के कारण पुलिस ने इस पहलू को भी जांच में शामिल किया है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपितों ने किसी सरकारी विभाग या अधिकारी का नाम इस्तेमाल किया था या नहीं। उपलब्ध जानकारी में केवल इतना सामने आया है कि वाहनों पर सरकारी पहचान दर्शाने वाले शब्द लगाए गए थे।

जांच के दौरान यदि यह सामने आता है कि इन पहचान चिन्हों का इस्तेमाल किसी व्यक्ति या संस्था को प्रभावित करने या गलत तरीके से सुविधा लेने के लिए किया गया, तो मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच हो सकती है।

पुलिस कर रही है पूरे मामले की जांच

पुलिस ने दोनों कारों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में वाहनों के दस्तावेज, नंबर प्लेट, सायरन और उन पर लिखे गए सरकारी पहचान संबंधी शब्दों का सत्यापन किया जाएगा।

इसके अलावा आरोपितों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वाहनों को इस तरह तैयार करने के पीछे क्या वजह थी। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर सकती है कि दोनों वाहनों का इस्तेमाल कहां-कहां किया जाता था।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई यातायात जांच के दौरान सामने आए इस मामले के आधार पर आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों से जुड़े सभी तथ्य किस हद तक सही पाए जाते हैं।

हथवाला रोड पर यातायात जांच के दौरान सामने आया यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें फर्जी नंबर प्लेट के साथ सरकारी पहचान और सायरन का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। पुलिस ने दोनों कारें बरामद कर ली हैं और राहुल तथा उसके पिता राजबीर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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