
हिसार: जिले के अग्रोहा क्षेत्र के गांव कालीरावण के पास सिद्धमुख नहर में हुए कटाव को करीब 24 घंटे की लगातार मशक्कत के बाद शनिवार दोपहर पूरी तरह बंद कर दिया गया। ग्रामीणों, सिंचाई विभाग के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से पानी के तेज बहाव पर काबू पाया गया। हालांकि, इस दौरान आसपास के सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गए और धान की खड़ी फसल के साथ कटाई के बाद खेतों में रखी फसल भी पानी में डूब गई। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का पारदर्शी सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
मिट्टी की बोरियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रोका पानी
नहर में कटाव के बाद ग्रामीणों और सिंचाई विभाग की टीम ने लगातार बचाव अभियान चलाया। मिट्टी से भरी बोरियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से पानी के बहाव को रोकने के प्रयास किए गए। करीब 24 घंटे तक चले अभियान के बाद शनिवार दोपहर कटाव पर नियंत्रण पा लिया गया। इसके बाद आसपास के खेतों में पानी का फैलाव रुकने से राहत मिली।
स्थानीय किसान एवं पूर्व सरपंच प्रभु कस्वां, बेगराज, मांगेराम, महाबीर और जगदीश ने बताया कि नहर के तटबंध पर पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ने से कटाव हुआ। इसके बाद पानी तेजी से आसपास के खेतों और निचले इलाकों में फैल गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग के साथ मिलकर तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और लगातार प्रयासों के बाद पानी का बहाव रोकने में सफलता मिली।
दो साल से सफाई नहीं होने का किसानों ने लगाया आरोप
किसानों का आरोप है कि सिद्धमुख नहर की पिछले दो वर्षों से सफाई नहीं करवाई गई है। नहर के तटबंधों पर पेड़ उग आए हैं और उनकी जड़ें अंदर तक फैलने से किनारे कमजोर हो गए हैं। किसानों के मुताबिक, कमजोर तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ने के कारण यह स्थिति पैदा हुई।
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से नहर की नियमित सफाई करवाने और कमजोर तटबंधों की पक्की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए नहर की देखरेख और मरम्मत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
फसल खराबे का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग
नहर का पानी खेतों में फैलने से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि में जलभराव हो गया है। इससे किसानों की खड़ी धान की फसल और कटाई के बाद खेतों में रखी उपज को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द और पारदर्शी तरीके से फसल खराबे का सर्वे करवाने तथा नुकसान के अनुसार उचित मुआवजा देने की मांग की है। इसके साथ ही नहर के कमजोर तटबंधों को स्थायी रूप से मजबूत करने की अपील की है।
गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर गांव कालीरावण के पास से गुजर रही सिद्धमुख नहर में अचानक बड़ा कटाव हो गया था। तटबंध टूटने से पानी तेज बहाव के साथ आसपास के खेतों और निचले इलाकों में फैल गया था। इसके बाद ग्रामीणों, सिंचाई विभाग और प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया था।





