
एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने सोमवार को लगभग 503.48 करोड़ रुपये की अनुमानित बाजार कीमत वाली संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच (जब्त) किया। ये संपत्तियां रहेजा डेवलपर्स, नवीन एम रहेजा और उनके परिवार के सदस्यों की हैं और इन्हें 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत अटैच किया गया है।
एजेंसी PMLA के तहत रहेजा डेवलपर्स, इसके डायरेक्टर नवीन एम रहेजा और अन्य संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं की जांच कर रही है।
यह जांच बड़ी संख्या में घर खरीदारों की शिकायतों के आधार पर 'इकोनॉमिक ऑफेंस विंग' द्वारा दर्ज कई FIR से जुड़ी है। ये शिकायतें कंपनी द्वारा शुरू किए गए विभिन्न आवासीय रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से संबंधित हैं।
ED ने पाया कि कंपनी ने अपने प्रोजेक्ट्स के लिए लगभग 4,600 घर खरीदारों से करीब 2,425.99 करोड़ रुपये जुटाए थे। हालांकि, एजेंसी ने एक प्रेस नोट में कहा कि सबूतों से पता चलता है कि घर खरीदारों से इकट्ठा की गई बड़ी रकम को दूसरी जगहों पर इस्तेमाल किया गया और वादे के मुताबिक प्रोजेक्ट्स के विकास और उन्हें पूरा करने के अलावा अन्य कामों में लगाया गया।





