
Haryana हरियाणा: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट (डीटीपीई) ने शनिवार को डीएलएफ फेज-4 में व्यापक रेस्टोरेशन और सीलिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान रिहायशी भवनों में नियमों के विपरीत संचालित की जा रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
डीटीपीई की टीम ने कार्रवाई करते हुए कई ऐसे भवनों को निशाने पर लिया, जहां आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। अभियान के दौरान 10 भवनों को सील किया गया। इनमें कार डिटेलिंग सेंटर, पेइंग गेस्ट (PG), गेस्ट हाउस, क्लीनिक, जिम, स्पा, डांस स्टूडियो, क्लाउड किचन और कार्यालय जैसी गतिविधियां शामिल थीं।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रिहायशी क्षेत्रों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नियमों का उल्लंघन है। इससे न केवल क्षेत्र की नियोजित व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि पार्किंग, यातायात और आसपास रहने वाले लोगों की सुविधाओं पर भी असर पड़ता है। इसी को देखते हुए हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत यह अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान डीटीपीई की टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित भवनों की जांच की। जांच में जिन स्थानों पर नियमों के खिलाफ गतिविधियां चलती मिलीं, वहां सीलिंग की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पहले जारी किए गए नोटिस और विभागीय प्रक्रिया के बाद की गई है।
इसके अलावा टीम ने कई स्थानों पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई की। सेटबैक और स्टिल्ट पार्किंग क्षेत्रों में किए गए अवैध निर्माण को हटाया गया। अधिकारियों का कहना है कि भवनों के निर्धारित हिस्सों का उपयोग केवल स्वीकृत नक्शे और नियमों के अनुसार ही किया जा सकता है। किसी भी तरह का अतिरिक्त निर्माण या उपयोग नियमों के विरुद्ध माना जाएगा।
डीटीपीई अधिकारियों ने बताया कि रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के कारण स्थानीय निवासियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें पार्किंग की कमी, यातायात दबाव, सुरक्षा संबंधी चिंताएं और बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त भार जैसी समस्याएं शामिल हैं।
स्थानीय निवासियों की ओर से भी लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ रिहायशी इलाकों में बड़ी संख्या में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इन गतिविधियों के कारण कॉलोनी की मूल व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शिकायतों के आधार पर विभाग ने निरीक्षण किया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा। विभाग का उद्देश्य रिहायशी क्षेत्रों में स्वीकृत नियमों का पालन सुनिश्चित करना और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाना है।
डीटीपीई की टीम ने कार्रवाई के दौरान संबंधित संपत्ति मालिकों और संचालकों को भी नियमों का पालन करने की चेतावनी दी। अधिकारियों ने कहा कि यदि सील किए गए भवनों में दोबारा अवैध गतिविधियां संचालित की जाती हैं तो उनके खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि शहरों के सुनियोजित विकास के लिए भवनों का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार होना जरूरी है। रिहायशी क्षेत्रों में बढ़ती अवैध व्यावसायिक गतिविधियां शहरी योजना को प्रभावित करती हैं, इसलिए ऐसी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद डीएलएफ फेज-4 में अवैध रूप से संचालित गतिविधियों पर असर पड़ा है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के निरीक्षण और कार्रवाई अभियान चलाए जा सकते हैं।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे भवनों का उपयोग केवल स्वीकृत नियमों के अनुसार करें और किसी भी अवैध निर्माण या गतिविधि की जानकारी विभाग को दें। अधिकारियों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना भेदभाव कार्रवाई जारी रहेगी।





