
Haryana हरियाणा: चानौत गांव में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री और धरना कमेटी के बीच हुई बैठक को सकारात्मक बताया गया है। प्रदेश के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में गांव की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान पर विस्तृत चर्चा हुई।
मंत्री गंगवा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने गांव में स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भाखड़ा नहर से चानौत गांव तक एक अलग पाइपलाइन बिछाने का भरोसा दिया है। इस पाइपलाइन के माध्यम से गांव के लोगों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने धरना कमेटी की सभी मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि गांव में पेयजल संकट का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ ही गांव के अन्य विकास कार्यों को भी तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
कैबिनेट मंत्री ने पीडब्ल्यूडी विश्रामगृह में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि गांव में किसी भी प्रकार की बुनियादी सुविधा की कमी नहीं रहने दी जाएगी। विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि गांव के विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जाएगी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस राशि को शीघ्र जारी करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परियोजना की रूपरेखा तैयार कर जल्द से जल्द कार्य शुरू किया जाए। साथ ही इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
स्थानीय लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि पाइपलाइन परियोजना के पूरा होने के बाद गांव में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा।
कुल मिलाकर, चानौत गांव की पेयजल समस्या को लेकर हुई यह बैठक सकारात्मक दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसमें न केवल तत्काल राहत बल्कि स्थायी समाधान की भी रूपरेखा तैयार की गई है।





