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गर्भवती महिलाओं की डिजिटल ट्रैकिंग, हरियाणा ने लॉन्च की ‘समृद्धि’ योजना

nidhi
6 Oct 2026 8:01 AM IST
गर्भवती महिलाओं की डिजिटल ट्रैकिंग, हरियाणा ने लॉन्च की ‘समृद्धि’ योजना
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निजी अस्पतालों से भी जोड़ी जाएंगी महिलाएं
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की बेहतर निगरानी तथा समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए ‘समृद्धि’ योजना शुरू की है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को आपात स्थिति में जरूरत के अनुसार निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराया जा सकेगा। राज्य सरकार का उद्देश्य मातृ मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर को कम करना है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा द्वारा प्रस्तावित समृद्धि यानी सुरक्षित मातृत्व और बाल स्वास्थ्य पहल का शुभारंभ किया। योजना के तहत गर्भवती महिला को उसकी जोखिम श्रेणी के अनुसार उपयुक्त स्वास्थ्य केंद्र से टैग किया जाएगा। लाभार्थी की जरूरत और अनुरोध के आधार पर निजी स्वास्थ्य केंद्र भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इससे आपात स्थिति में कई स्तरों पर रेफरल की प्रक्रिया कम करने और सही अस्पताल तक जल्दी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
समृद्धि एक तकनीक आधारित डिजिटल सिस्टम है, जिसके जरिए गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की लगातार निगरानी की जाएगी। इसमें खास तौर पर हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी पर ध्यान दिया जाएगा। महिला के प्रसवपूर्व पंजीकरण से लेकर डिलीवरी और बच्चे के जन्म के बाद 42 दिनों तक स्वास्थ्य सेवाओं की ट्रैकिंग की जाएगी।
योजना के तहत हर गर्भवती महिला का समृद्धि पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। पंजीकरण के बाद एक यूनिक समृद्धि आईडी तैयार की जाएगी। इससे सरकारी और निजी दोनों स्वास्थ्य संस्थानों में महिला को मिलने वाली सेवाओं का रिकॉर्ड ट्रैक किया जा सकेगा। ऑटोमेटेड अलर्ट और ड्यू लिस्ट के जरिए एएनएम और चिकित्सा अधिकारियों को समय पर जांच, फॉलो-अप और प्रसव की तैयारी की जानकारी मिलेगी।
हर हाई-रिस्क गर्भवती महिला को गर्भावस्था के 10वें से 12वें सप्ताह के बीच प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत लगने वाले शिविर में भेजने की व्यवस्था भी की गई है। यहां उसका जरूरी क्लिनिकल मूल्यांकन और आगे की देखभाल की योजना बनाई जाएगी।
योजना के संचालन के लिए एनएचएम मुख्यालय में स्टेट कमांड सेंटर, समर्पित 102 कॉल सेंटर और प्रत्येक जिला अस्पताल में अलग कॉल सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इससे गर्भवती महिलाओं की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद उपलब्ध कराने की कोशिश होगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा के अनुसार राज्य में 101 प्रथम रेफरल इकाइयां हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी वाली 11 इकाइयों में सेवाएं मजबूत करने के लिए बुधवार और शनिवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिस्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती भी की जा रही है।
‘समृद्धि’ योजना का मुख्य फोकस केवल प्रसव के समय इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पूरी गर्भावस्था के दौरान जोखिम की पहचान, समय पर रेफरल और प्रसव के बाद मां तथा नवजात की निगरानी करना है। तकनीक आधारित यह व्यवस्था सही तरीके से लागू होने पर गर्भवती महिलाओं को आपात स्थिति में समय पर उचित चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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