
Haryana हरियाणा: धनोरा गांव में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब खेलते समय एक चार साल का बच्चा खुले बोरवेल में गिर गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत ही बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब 19 घंटे तक चले इस बचाव अभियान के बाद बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने के कुछ ही समय बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमों ने भाग लिया। सभी एजेंसियों ने मिलकर बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास किए।
BREAKING NEWS #Haryana #Ambala- 4 year old innocent Nirvair Singh lost the battle of life. Nirvair was taken out of the borewell, Nirvair's body was taken out of the borewell at around 3:30 am, Nirvair had fallen into the borewell at 6:30 am yesterday.
— Siraj Noorani (@sirajnoorani) July 1, 2026
The body of innocent… https://t.co/qRZG6L8lVR pic.twitter.com/FpjEmlIvDn
बताया गया कि बच्चा जिस बोरवेल में गिरा, वह काफी गहरा और संकरा था, जिससे बचाव कार्य में कई तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रेस्क्यू टीमों को शाफ्ट के आसपास खुदाई करनी पड़ी और लगातार निगरानी रखनी पड़ी ताकि बच्चे तक सुरक्षित पहुंचा जा सके। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब बोरवेल के अंदर 60 फीट की गहराई से पानी का रिसाव शुरू हो गया।
पानी धीरे-धीरे बोरवेल के भीतर भरने लगा, जिससे बच्चा एक ऐसे हिस्से में फंस गया जहां पानी लगातार बढ़ रहा था। इस कारण उसकी स्थिति और नाजुक होती चली गई। रेस्क्यू टीमों ने समय के खिलाफ लड़ते हुए लगातार ऑपरेशन को आगे बढ़ाया, लेकिन कठिन परिस्थितियों के कारण प्रक्रिया धीमी रही।
VIDEO | A four-year-old boy, who fell into a 220-foot-deep open borewell in Haryana's Ambala district, was declared dead after he was pulled out following a 21-hour rescue operation.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 1, 2026
Rishi Pal, a doctor, said, "When this child arrived in the emergency room after 21 hours, he… pic.twitter.com/smqD8OhbYo
पूरे 19 घंटे तक चले इस अभियान में कई चुनौतियां सामने आईं। कभी जमीन की अस्थिरता, तो कभी पानी का बढ़ता स्तर, और संकरी जगह होने के कारण उपकरणों के इस्तेमाल में भी कठिनाई हुई। इसके बावजूद सभी एजेंसियों ने मिलकर लगातार प्रयास जारी रखा।
रेस्क्यू टीमों ने तकनीकी उपकरणों की मदद से बच्चे तक पहुंचने की कोशिश की और उसे सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता भी हासिल की। जैसे ही बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला गया, उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने काफी प्रयास किए, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका और उसे मृत घोषित कर दिया गया।
इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं और प्रशासन से बोरवेल सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की जांच की जाएगी कि बोरवेल खुला कैसे छोड़ा गया और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया। प्रारंभिक तौर पर यह लापरवाही का मामला माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खुले बोरवेल अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनते हैं और इन्हें तुरंत ढकना या सुरक्षित करना जरूरी होता है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल टीमों ने बताया कि उन्होंने हर संभव प्रयास किया, लेकिन प्राकृतिक और तकनीकी बाधाओं के कारण समय पर सफलता नहीं मिल सकी। उन्होंने इसे बेहद चुनौतीपूर्ण और भावनात्मक रूप से कठिन अभियान बताया।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खुले बोरवेल या गहरे गड्ढों को तुरंत सुरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।





