दैविक को न्याय दिलाने की मांग, आदमपुर में पुलिस के खिलाफ आक्रोश

हिसार: जिले के कस्बे मंडी आदमपुर के 12 वर्षीय दैविक गोयल की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर सोमवार शाम आदमपुर में लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। मृतक के परिजनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने क्रांति चौक पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि 21 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आदमपुर के प्रमुख मार्गों पर जाम लगाया जाएगा और बाजार बंद रखने का आह्वान किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान दैविक के पिता रवि गोयल, ताऊ बिशंबर गोयल, राजेंद्र सारंगपुरिया, वेद गोयल और ज्ञान प्रकाश सहित अन्य लोगों ने रोष जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद दैविक को अस्पताल पहुंचाने और परिवार को सूचना देने में देरी हुई। परिजनों का कहना है कि मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब जांच के माध्यम से सामने आने चाहिए। उन्होंने गौतम सुथार के परिवार के अन्य सदस्यों की संभावित भूमिका की भी जांच कराने और विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले में केवल दैविक के सहपाठी के खिलाफ केस दर्ज किया और उसे फरीदाबाद स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया, जबकि घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच होनी चाहिए। परिजनों ने मांग की कि किसी भी व्यक्ति की भूमिका को नजरअंदाज किए बिना निष्पक्ष जांच की जाए और साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने घटनास्थल वाले घर को सील नहीं किए जाने और मौके से किसी को गिरफ्तार नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फोरेंसिक टीम घटना वाले दिन के बजाय अगले दिन घटनास्थल पर पहुंची। परिजनों ने इन बिंदुओं को जांच का हिस्सा बनाने और पुलिस की कार्रवाई में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रत्येक पहलू की जांच जरूरी है, ताकि परिवार को न्याय मिल सके।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि दैविक की मौत के मामले में न्याय मिलने तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि परिजनों की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब दिया जाए और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जाए। चेतावनी दी गई कि 21 अक्टूबर तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आदमपुर के प्रमुख मार्गों पर जाम लगाने और बाजार बंद रखने का आह्वान किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान परिजनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर न्याय की मांग उठाई।





